संवाद से समाधान अभियान में डीसीपी पश्चिम ज़ोन ने ग्राम तेंदुआ में साइबर जागरूकता

छग

Update: 2026-02-06 15:09 GMT
Raipur. रायपुर। डीसीपी पश्चिम ज़ोन के नेतृत्व में चलाए जा रहे “संवाद से समाधान” अभियान के तहत थाना आमानाका अंतर्गत ग्राम तेंदुआ में एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस उपायुक्त पश्चिम संदीप पटेल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल शर्मा के मार्गदर्शन में यह अभियान ग्रामीणों में साइबर जागरूकता, बाल सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों के पालन के महत्व को समझाने के लिए लगातार आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में एसीपी पुरानी बस्ती देवांश सिंह राठौर और थाना प्रभारी आमानाका सुधांशु बघेल ने ग्रामीणों को सुरक्षा एवं जागरूकता के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। विशेष रूप से साइबर जागरूकता के अंतर्गत ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल, फर्जी लिंक या एप्लीकेशन (APK) पर भरोसा न करें। ऑनलाइन वित्तीय ठगी, फर्जी लोन ऐप और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। ग्रामीणों को साइबर ठगी की स्थिति में 1930 पर कॉल कर रिपोर्ट दर्ज कराने या साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर स्वयं शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। ग्रामीण सुरक्षा के संबंध में उन्हें यह जानकारी दी गई कि गाँव में आने वाले अनजान व्यक्तियों पर नजर रखें, संदिग्ध व्यक्तियों की फोटो सुरक्षित रखें, सीसीटीवी कैमरे लगाएं और किसी भी अवैध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। यह कदम समुदाय में सुरक्षा का वातावरण मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
सामाजिक संदेश के रूप में ग्रामीणों को नशामुक्त जीवन जीने, महिलाओं के प्रति सम्मान रखने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी गई। पुलिस ने हेलमेट पहनकर वाहन चलाने, संयमित गति अपनाने और नियमों का अनुशासनपूर्वक पालन करने की विशेष समझाइश दी। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि ये छोटे-छोटे कदम पूरे समाज की सुरक्षा और शांति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस के इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया और ऐसे कार्यक्रमों को लगातार आयोजित करने की इच्छा जताई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि “संवाद से समाधान” अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल कानून का पालन सुनिश्चित करना ही नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा, संवेदनशीलता और साइबर साक्षरता को बढ़ाना भी है।
इस प्रकार, डीसीपी पश्चिम ज़ोन की पहल ने ग्राम तेंदुआ में न केवल साइबर और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि ग्रामीणों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति भी सजग बनाया। अभियान के माध्यम से पुलिस ने यह संदेश दिया कि समाज में सुरक्षा और जागरूकता बनाए रखने के लिए पुलिस और नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यक्रम ग्रामीणों में सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना पैदा करने में सफल रहा, जिससे भविष्य में न केवल साइबर अपराधों और नशे के प्रभाव से बचाव होगा, बल्कि यातायात नियमों का पालन कर सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
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