चोरी के शक में दलित की पीट-पीटकर हत्या, 4 आरोपी गिरफ्तार

छग

Update: 2025-10-31 18:32 GMT
Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां चोरी की आशंका में एक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना ग्राम पतेरापाली की है। मामला बीते 26 अक्टूबर का है। उस दिन कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम पतेरापाली के मुक्तिधाम में एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखी गई थी पीड़ित की जान
जांच में मृतक की पहचान कौशल सहिस (निवासी मोहबा, बागबाहरा) के रूप में हुई। मृतक के परिजनों ने बताया कि कुछ लोगों ने केबल चोरी की आशंका में कौशल को पकड़ लिया था। उसे गांव के भीतर दोनों हाथ बांधकर करीब तीन घंटे तक बिठाए रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने कौशल के परिवार से फोन पर संपर्क किया और उसे छोड़ने के बदले 25 हजार रुपये की मांग की। परिजनों ने जब राशि देने में असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने कौशल की बेरहमी से पिटाई की और बाद में उसे वहीं छोड़ दिया। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने मुक्तिधाम के पास शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि, चार गिरफ्तार
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि मृतक की मौत शरीर पर लगी गंभीर चोटों और अत्यधिक पिटाई के कारण हुई है। जांच के आधार पर पुलिस ने ग्राम पतेरापाली के चार युवकों — हेमंत चन्द्राकर, मनीष चन्द्राकर, अंकित चन्द्राकर और लोकेश चन्द्राकर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(7), 308(2), 115(2), 105 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस बोली — “दलित उत्पीड़न का भी पहलू जांच में”
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पांडेय ने बताया कि मामले की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या हत्या में जातिगत दुर्भावना का तत्व मौजूद था। उन्होंने कहा “मृतक को संदेह के आधार पर पकड़ा गया, उसके साथ हाथ बांधकर मारपीट की गई और परिजनों से पैसे की मांग की गई। यह अपराध न केवल मारपीट बल्कि सदोष मानव वध और आर्थिक दबाव डालने का गंभीर मामला है।” एएसपी पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है और अगर जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनाव, प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
घटना के बाद ग्राम पतेरापाली और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि दलित वर्ग के प्रति घोर अन्याय है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों की फॉरेंसिक जांच जारी है। साथ ही, मृतक के मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि पैसे की मांग और धमकी की पुष्टि की जा सके। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है बल्कि समाज में फैली हिंसक मानसिकता और जातीय पूर्वाग्रह की भी दर्दनाक तस्वीर पेश करती है। पुलिस ने कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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