Sukma. सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय सहित जिले के अलग-अलग इलाकों में गुरुवार, 29 अक्टूबर की सुबह से तेज ठंडी हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। बीती रात भी लगातार बारिश होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है, जिससे लोगों को अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ही ठंड का एहसास होने लगा है। वहीं, लगातार बारिश के कारण जिले के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की खबर है। मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

तीसरे दिन भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी
सुकमा जिले में बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का प्रभाव बना हुआ है। मंगलवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। जिला मुख्यालय के अलावा ग्रामीण और अंदरूनी क्षेत्रों में भी रुक-रुककर बारिश होने की जानकारी सामने आई है। गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और तेज ठंडी हवाएं चलती रहीं। लगातार बारिश के कारण लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। मौसम में आए अचानक बदलाव से लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत भी महसूस होने लगी है।

नदी-नालों का बढ़ रहा जलस्तर, अंदरूनी इलाकों में चिंता
लगातार हो रही बारिश से सुकमा जिले के नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ने लगा है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और अंदरूनी इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी है, जहां आवागमन के लिए छोटे पुलों, पुलियों और नदी-नालों को पार करना पड़ता है। अधिक बारिश होने पर इन मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने का खतरा रहता है। हालांकि, फिलहाल किसी विशेष सड़क या पुल के बंद होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मौसम विभाग ने दी थी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने चक्रवात अर्नब के प्रभाव को देखते हुए दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर सहित कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। प्रभावित क्षेत्रों में आंधी और गरज-चमक की आशंका भी जताई गई थी। मौसम विभाग के 29 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया था। इसके और कमजोर होने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, इसके प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।

शुक्रवार से मिल सकती है राहत
मौसम के मौजूदा हालात के बीच शुक्रवार, 30 अक्टूबर से सुकमा सहित प्रभावित इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम के कमजोर होने से बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। 30 अक्टूबर के लिए छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी नहीं बताई गई है, हालांकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में शुक्रवार से मौसम सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव है।

जिला प्रशासन की नजर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
लगातार बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। नागरिकों को तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश नहीं करने, जलभराव वाले रास्तों से बचने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना भी जरूरी है। फिलहाल सुकमा जिले में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से बारिश और ठंडी हवाओं का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार से स्थिति में सुधार की संभावना है, लेकिन तब तक लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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