साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, मेवात से अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड गिरफ्तार
छग
Khairagarh. खैरागढ़। जिले की पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड को हरियाणा के मेवात जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को पुराने सिक्के और नोट के बदले लाखों रुपये देने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और नकदी भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना छुईखदान क्षेत्र का है, जहां प्रार्थी नेताराम देवांगन (39 वर्ष), निवासी पद्मावतीपुर, ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्हें व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से संदेश प्राप्त हुए, जिनमें पुराने नोट और सिक्कों के बदले बड़ी राशि देने का लालच दिया गया था।
लालच में आकर पीड़ित ने एक पुराना 5 रुपये का नोट भेज दिया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें 37 लाख 94 हजार रुपये देने का झांसा दिया और प्रोसेसिंग फीस, कस्टम फीस और अन्य चार्ज के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए। साथ ही डर और दबाव बनाकर नकद भी वसूला गया। इस तरह कुल 11 लाख 70 हजार रुपये की ठगी की गई। मामले की जांच के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 122/2026 के तहत धारा 318(4), 336, 338, 340 भा.दं.सं. और 66D आईटी एक्ट में केस दर्ज किया। तकनीकी जांच में सामने आया कि इस ठगी में करीब 20 बैंक खातों और 30 से 40 फर्जी सिम कार्ड का उपयोग किया गया था।
जांच के दौरान साइबर सेल की मदद से आरोपी का लोकेशन हरियाणा के नूंह जिले में पाया गया। इसके बाद खैरागढ़ पुलिस टीम ने हरियाणा पहुंचकर स्थानीय पुलिस की सहायता से आरोपी मोहम्मद जाहिर (19 वर्ष), निवासी ग्राम डूंगेजा, थाना पिंगवा, जिला नूंह को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को पुराने सिक्के और नोट के बदले मोटी रकम का लालच देता था। इसके बाद वह प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस और कस्टम चार्ज के नाम पर लगातार पैसे ऐंठता था।
आरोपी लोगों को नकली वीडियो दिखाकर नकदी के बंडल का झांसा देता था और डिलीवरी तथा पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर अतिरिक्त पैसे भी वसूलता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 09 मोबाइल फोन, 02 एटीएम कार्ड और 4000 रुपये नकद जब्त किए हैं। घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। आरोपी को 15 अप्रैल 2026 को हरियाणा से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया और 17 अप्रैल 2026 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस कार्रवाई में खैरागढ़ साइबर सेल और थाना छुईखदान पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।