पानी डिस्टीब्यूटर से मारपीट मामले में 5 आरोपियों को 5-5 साल की सजा

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Update: 2026-08-02 17:21 GMT
Durg. दुर्ग। पानी डिस्टीब्यूटर के साथ मारपीट, जान से मारने की धमकी और वाहन में तोड़फोड़ करने के मामले में दुर्ग न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश दुर्ग दीपक कुमार कोशले की अदालत ने मामले में पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपियों को धारा 119 (2) के तहत 5-5 वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक पर एक-एक हजार रुपए अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही धारा 191 (2) के तहत एक-एक वर्ष सश्रम कारावास और 500-500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक नंदनी चंद्रवंशी ने पैरवी की। उन्होंने न्यायालय के समक्ष घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार, घटना 3 नवंबर 2024 की है। प्रार्थी संदीप कुमार जायसवाल उतई क्षेत्र में पानी सप्लाई करने का काम करता था। घटना वाले दिन वह भुनेश साहू के घर पानी छोड़ने जा रहा था। शाम करीब 4:30 बजे जब वह आदर्श नगर मोड़ उतई के पास पहुंचा, तब उसने एक व्यक्ति से दिनेश साहू के घर का पता पूछा।
इसी दौरान दो बाइक में सवार होकर पांच युवक वहां पहुंचे। आरोपियों ने संदीप से कहा कि उसे गाड़ी चलाना नहीं आता और इसके बाद उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब प्रार्थी ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ विवाद बढ़ा दिया। अभियोजन के मुताबिक, आरोपियों ने संदीप से शराब पीने के लिए पैसे की मांग की। पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उसे वहीं खत्म कर देंगे। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर उसके साथ हाथ-मुक्कों और डंडे से मारपीट की।
मारपीट के दौरान प्रार्थी को चोटें आईं। आरोपियों ने उसकी गाड़ी महिंद्रा मैक्सिको क्रमांक CG 07 CS 1498 को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी होमन कुमार यादव निवासी करगाडीह, धनेश कुमार उर्फ बिट्टू निवासी करगाडीह, डिगेश्वर साहू उर्फ आशु निवासी बोरीगारका, महेंद्र कुमार यादव निवासी करगाडीह और कुणाल कुमार यादव निवासी आदर्श नगर उतई के खिलाफ कार्रवाई की गई।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े दस्तावेज, गवाह और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपियों को दोषी पाया और सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले को अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और अभियोजन पक्ष का कहना है कि अपराध करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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