Durg. दुर्ग। साइबर धोखाधड़ी और बालक के अपहरण के एक मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया है। यह मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां 5 मार्च को बालक के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया था। अपहृत बालक की तलाश के लिए पुलिस टीम को विभिन्न राज्यों में भेजा गया। जांच के दौरान पुलिस की टीम झारसुगुड़ा (ओडिशा) और धनबाद (झारखंड) तक पहुंची और वहां संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई।
जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि आरोपी बैंक खातों और पासबुक को अवैध तरीके से उपलब्ध कराकर साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से धन अर्जित करने का काम करते थे। आरोपियों का एक गिरोह था, जो लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ठगी के जरिए अवैध तरीके से पैसे कमाने की कोशिश करता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 1 मार्च को बैंक खाते से संबंधित लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के चलते बालक धनबाद चला गया था, जहां आरोपियों ने उससे पैसों की मांग की। हालांकि बाद में आरोपियों ने उसे छोड़ दिया। इस बीच पुलिस लगातार बालक की तलाश में लगी हुई थी।
आखिरकार 5 मार्च को पुलिस टीम ने धनबाद से बालक को सकुशल बरामद कर लिया। मामले की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि साइबर धोखाधड़ी के उद्देश्य से बैंक खातों का इस्तेमाल कर अवैध लाभ कमाने की कोशिश की जा रही थी। इसी सिलसिले में बालक के साथ यह पूरी घटना घटित हुई। इसके बाद पुलिस ने पुरानी भिलाई थाना में अपराध दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रितेश कुमार शर्मा (36 वर्ष) निवासी झारसुगुड़ा, ओडिशा और आकाश कुमार रवानी (22 वर्ष) निवासी जिला धनबाद, झारखंड शामिल हैं। इसके अलावा एक अपचारी बालक को भी इस मामले में पकड़ा गया है।
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, पासबुक और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साइबर धोखाधड़ी गिरोह के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। दुर्ग पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने बैंक खातों, पासबुक और एटीएम कार्ड की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।