Raigarh. रायगढ़। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के कुशल मार्गदर्शन में जिलेभर में साइबर अपराधों के प्रति नागरिकों को जागरूक करने हेतु विशेष अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज वार्ड क्रमांक 07, थाना कोतवाली क्षेत्र में एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते ऑनलाइन अपराधों से सावधान करना और उनसे बचाव के तरीके बताना रहा। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक (साइबर सेल) अनिल विश्वकर्मा ने उपस्थित नागरिकों को विस्तारपूर्वक बताया कि किस प्रकार साइबर ठग विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर लोगों से बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, एटीएम और कार्ड की जानकारी हासिल कर ठगी करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कॉल, फर्जी वेबसाइट, ईमेल, मैसेज, क्यूआर कोड और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोग आसानी से धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। अनिल विश्वकर्मा ने उपस्थित नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक या कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। यदि किसी संदिग्ध गतिविधि का सामना हो तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि बैंक या वित्तीय संस्थानों से जुड़ी कोई भी जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से ही साझा करनी चाहिए। किसी भी अनजान स्रोत या संदिग्ध मैसेज पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। वार्ड पार्षद आरिफ खान ने भी नागरिकों से आग्रह किया कि वे न केवल स्वयं सतर्क रहें बल्कि अपने परिवार और पड़ोसियों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में सजगता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। कार्यक्रम में थाना कोतवाली के उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, हमराह स्टाफ तथा बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे। नागरिकों ने साइबर अपराधों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और उपयोगी उत्तर देकर समाधान किया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि ऑनलाइन ठगी के मामलों में समय पर सूचना देना और साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाना से संपर्क करना अत्यंत आवश्यक है। साइबर सेल की टीम ने नागरिकों को यह समझाया कि किसी भी संदिग्ध मैसेज, कॉल या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्तिगत जानकारी को किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट के साथ साझा करना जोखिम भरा है। यदि कोई ठगी की आशंका हो तो तुरंत संबंधित बैंक और साइबर सेल को सूचना देना चाहिए। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने जिलेवासियों से अपील की कि वे साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें और स्वयं के साथ समाज को भी डिजिटल सुरक्षा की दिशा में सजग बनाएं। उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता ही ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। इस कार्यक्रम ने वार्डवासियों को न केवल साइबर सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें ठगी से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी भी दी। नागरिकों ने अधिकारियों के मार्गदर्शन और उपयोगी सलाह के लिए प्रशंसा की और कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।