Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से आम नागरिकों एवं विद्यार्थियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन में विभिन्न स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 1080 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला (IPS) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले (IPS) के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों की निगरानी पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन आदित्य पांडे ने की।
अभियान के तहत थाना गुढ़ियारी, खम्हारडीह, उरला और पंडरी क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में साइबर जागृति एवं “संवाद से समाधान” कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के नए तरीकों की जानकारी देना और उनसे बचने के लिए व्यवहारिक उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। थाना गुढ़ियारी क्षेत्र अंतर्गत तिलक नगर स्थित आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 8वीं और 11वीं के करीब 140 छात्र-छात्राओं एवं स्कूल स्टाफ ने हिस्सा लिया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड और साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए। साथ ही छात्रों को अपने परिवार के सदस्यों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
थाना खम्हारडीह क्षेत्र के विवेक एजुकेशन अकादमी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 150 विद्यार्थियों को साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने छात्रों को बताया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। थाना उरला क्षेत्र के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सरोरा में आयोजित कार्यक्रम में करीब 550 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान साइबर सुरक्षा के साथ-साथ यातायात जागरूकता और नए आपराधिक कानूनों के संबंध में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
वहीं थाना पंडरी क्षेत्र के Holy Cross Senior Secondary School में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 8वीं और 11वीं के लगभग 240 विद्यार्थियों तथा स्कूल स्टाफ को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि संदिग्ध लिंक और मैसेज पर क्लिक न करें। अनजान APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचें। इसके अलावा OTP, PIN, CVV और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति से साझा न करने की सलाह दी गई।
पुलिस ने फर्जी KYC अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों को लेकर भी जागरूक किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर समय बर्बाद किए बिना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। “संवाद से समाधान” कार्यक्रम के तहत पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें अपनी व्यक्तिगत समस्याओं, सुरक्षा से जुड़े विषयों और साइबर अपराध की घटनाओं को अभिभावकों, शिक्षकों और पुलिस के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस ने विद्यार्थियों को रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया पेज को फॉलो करने और साइबर जागरूकता अभियान से जुड़ने के लिए QR कोड स्कैन करने की जानकारी भी दी। रायपुर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। इसी उद्देश्य से स्कूलों और अन्य संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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