Raigarh. रायगढ़। थाना कोतवाली क्षेत्र में जनरल स्टोर का शटर तोड़कर नकदी और गुटखा चोरी करने के मामले में पुलिस ने एक युवक और दो विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का राजश्री गुटखा और 1,700 रुपये नकद बरामद किए हैं। तीनों को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार 27 सितंबर 2026 को सिंधी कॉलोनी कच्ची खोली निवासी हरिचंद अम्बुवानी ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कालीबाड़ी सिविल लाइन स्थित उनके दीपक जनरल स्टोर में चोरी हुई है। 26 सितंबर की रात करीब 10 बजे वे दुकान बंद कर शटर में ताला लगाकर घर चले गए थे। अगली सुबह जब वे दुकान पहुंचे तो शटर क्षतिग्रस्त मिला।
दुकान के अंदर सामान भी अस्त-व्यस्त पड़ा था। जांच करने पर गल्ले में रखी नकदी और करीब 25 हजार रुपये कीमत के राजश्री गुटखा के लगभग 200 पैकेट गायब मिले। शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 544/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जेलपारा जूटमिल निवासी विवेकानंद चौहान अपने साथियों के साथ चोरी किए गए राजश्री गुटखा को कम कीमत में बेचने की बात कर रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने विवेकानंद चौहान उम्र 24 वर्ष और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि 26 और 27 सितंबर की दरम्यानी रात लोहे की रॉड की मदद से दुकान का शटर ऊपर उठाकर आरोपी अंदर घुसे थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके बाद गल्ले से नकदी और दुकान में रखे राजश्री गुटखा के पैकेट चोरी कर लिए गए। चोरी की रकम आरोपियों ने आपस में बांट ली थी, जबकि गुटखा को रेलवे ट्रैक के पास छिपाकर रखा गया था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि अगले दिन चोरी किए गए गुटखे में से एक बोरी दूसरे नाबालिग साथी को बेचने के लिए दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने दूसरे विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ लिया। तीनों की निशानदेही पर पुलिस ने दो छोटी बोरियों में रखा चोरी का राजश्री गुटखा और 1,700 रुपये नकद बरामद किया। इसके बाद सभी आरोपियों को सक्षम न्यायालय के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है। चोरी गए अन्य सामान और रकम के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, प्रधान आरक्षक दिग्विजय वैष्णव और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि शहर में चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
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