रायपुर रेंज में अपराध समीक्षा बैठक, IG अमरेश मिश्रा ने दिए सख्त निर्देश

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Update: 2025-07-26 13:57 GMT
Raipur. रायपुर। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अमरेश कुमार मिश्रा ने दिनांक 26 जुलाई 2025 को अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदाबाजार जिलों के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अन्य राजपत्रित अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित अपराधों की समीक्षा, गंभीर प्रकरणों की विवेचना की गुणवत्ता और कानून-व्यवस्था की सुदृढ़ता को सुनिश्चित करना था।
पुराने मामलों के समाधान पर सराहना
IG श्री मिश्रा ने वर्ष 2023 के पूर्व के लगभग 2100 लंबित प्रकरणों में से बीते 6 माह में 1850 प्रकरणों के निराकरण के लिए अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने शेष लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए कोर्ट, मेडिकल विभाग आदि से समन्वय कर विवेचना की गुणवत्ता बेहतर करने के निर्देश दिए।
NDPS एक्ट पर सख्ती, गैंग व कूरियर नेटवर्क पर निगरानी
NDPS एक्ट से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए IG ने अधिकारियों को स्वयं लीड लेकर सर्च ऑपरेशन करने, धारा 21, 25, 27 NDPS एक्ट के प्रभावी उपयोग और संपत्ति कुर्की (धारा 107 BNSS) की कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने अंतरराज्यीय ड्रग गैंग, सहयोगी कूरियर कंपनियों और प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई चेन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। आदतन अपराधियों पर पिट एनडीपीएस के तहत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
अवैध शराब, फर्जी दस्तावेज और गौ-तस्करी पर सख्ती
IG ने अवैध शराब के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, स्थानीय निर्मित शराब की रासायनिक जांच, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों, गौ-तस्करों, और अवैध प्रवासियों की जांच को प्राथमिकता देने को कहा। चिटफंड एवं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, ओपन सोर्स इंटेलिजेंस और विभिन्न पोर्टल्स के उपयोग पर बल दिया गया।
साइबर अपराध और तकनीकी दक्षता
सायबर अपराध के त्वरित निराकरण हेतु थाना स्तर पर तकनीकी दक्ष अधिकारियों का पैरेलल ट्रैक तैयार कर रेंज स्तरीय समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मोबाइल नंबर/IMEI ट्रेसिंग, बैंक खातों को ब्लॉक/लीन मार्क कर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए ओपन सोर्स इंटेलिजेंस का उपयोग करने की बात कही गई।
कानून व्यवस्था और आगामी त्योहारों की तैयारी
आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रिडिक्टिव और प्रिवेंटिव पुलिसिंग को केंद्र में रखते हुए NSA, जिला बदर, गुण्डा सूची में शामिल करने जैसी प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, प्रकाश व्यवस्था, CCTV कैमरे, और नियमित पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा हेलमेट के शत-प्रतिशत उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।
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