Raipur. रायपुर। बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत रायपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के माध्यम से स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा, साइबर हाइजीन और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। इस अभियान के तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में करीब 1400 से अधिक विद्यार्थियों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। कार्यक्रमों का आयोजन डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया।
डिजिटल दुनिया में सुरक्षा की जरूरत समझाई
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि आज पढ़ाई, करियर, संवाद और दैनिक जीवन का बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुका है। ऐसे में इंटरनेट का इस्तेमाल केवल सुविधा नहीं बल्कि जिम्मेदारी के साथ करने की जरूरत है। विद्यार्थियों को समझाया गया कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही साइबर अपराधियों के लिए मौका बन सकती है। इसलिए मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट और ऑनलाइन गतिविधियों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

साइबर हाइजीन पर दिया गया विशेष जोर
अभियान के दौरान साइबर हाइजीन को प्रमुख विषय बनाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि जैसे व्यक्ति अपने स्वास्थ्य और आसपास की साफ-सफाई का ध्यान रखता है, उसी तरह डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन व्यवहार की सुरक्षा भी जरूरी है। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
उन्हें बताया गया कि
किसी भी अनजान लिंक, फाइल या एप्लीकेशन को बिना जांचे ओपन या डाउनलोड न करें।
मोबाइल और एप्लीकेशन को समय-समय पर अपडेट करते रहें।
व्हाट्सएप में टू-स्टेप वेरिफिकेशन और प्राइवेसी सेटिंग्स का उपयोग करें।
OTP, UPI PIN, पासवर्ड और CVV जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी, लोकेशन और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से बचें।

Malicious Link और Spyware से बचने की जानकारी
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को संदिग्ध लिंक, फाइल और एप्लीकेशन से होने वाले खतरों के बारे में बताया गया।
पुलिस टीम ने समझाया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, वायरस वाली फाइल और नकली एप्लीकेशन के माध्यम से लोगों की निजी जानकारी चोरी कर सकते हैं।
विद्यार्थियों को संदिग्ध फाइल और लिंक की जांच के लिए सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की जानकारी भी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि किसी भी फाइल को ऑनलाइन स्कैन करने से पहले उसमें मौजूद निजी जानकारी की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।

Sanchar Saathi और TAFCOP की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को Sanchar Saathi के TAFCOP (Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection) के बारे में भी जानकारी दी गई।
पुलिस ने बताया कि TAFCOP की मदद से नागरिक अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यदि कोई अनजान नंबर उनके नाम पर सक्रिय है तो उसकी पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे समय-समय पर अपने नाम से जारी मोबाइल कनेक्शन की जांच जरूर करें।

साइबर अपराध होने पर 1930 और पोर्टल की जानकारी
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई।
उन्हें बताया गया कि साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
विद्यार्थियों को साइबर वॉलंटियर कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी गई और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

इन संस्थानों में हुए जागरूकता कार्यक्रम
सेंट्रल जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में कई संस्थानों के विद्यार्थी और शिक्षक शामिल हुए।
प्रमुख कार्यक्रम गुजराती स्कूल थाना देवेंद्र नगर, शासकीय हाई स्कूल लाभांडी थाना तेलीबांधा, बीपी पुजारी स्कूल थाना सिविल लाइन, तक्षशिला लाइब्रेरी नगर निगम रायपुर, शासकीय डेंटल कॉलेज मरही माता चौक थाना मौदहापारा और निवेदिता स्कूल गुरुनानक चौक थाना गंज में आयोजित किए गए।
रायपुर पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। इसी उद्देश्य से साइबर जागृति अभियान लगातार जारी रहेगा और अधिक से अधिक लोगों तक डिजिटल सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जाएगा।
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