शिक्षिका की PHD पर विवाद, दो जगह हाजिरी और छुट्टियों के दुरुपयोग के आरोप

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Update: 2026-04-21 16:17 GMT
Khairagarh. खैरागढ़। जिले में एक शिक्षिका की पीएचडी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि पीएचडी करते समय शिक्षिका ने एक ही अवधि में स्कूल और विश्वविद्यालय दोनों जगह उपस्थिति दर्ज कराई और छुट्टियों का भी नियमों के विरुद्ध उपयोग किया। मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शासकीय हाईस्कूल लिमतरा में पदस्थ शिक्षिका निकेता सिंह ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से रेगुलर पीएचडी की। रेगुलर पीएचडी के तहत शोधार्थी को विश्वविद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहकर अध्ययन और शोध कार्य करना होता है। हालांकि शिकायत में कहा गया है कि उसी दौरान शिक्षिका स्कूल में भी नियमित रूप से हाजिरी दर्ज कराती रही, जिससे एक ही समय में दो स्थानों पर उपस्थिति दिखने का मामला सामने आया है।

शिकायत में वर्ष 2011 से 2015 के बीच कई ऐसे दिनों का उल्लेख किया गया है, जब शिक्षिका विश्वविद्यालय की संगोष्ठियों और शैक्षणिक कार्यक्रमों में शामिल थीं, लेकिन उसी दिन स्कूल के रिकॉर्ड में उनकी उपस्थिति दर्ज है। इससे पूरे मामले पर संदेह गहराया है। इसके अलावा मेडिकल अवकाश को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ समय के लिए शिक्षिका ने मेडिकल लीव ली, जबकि उसी अवधि में वे पीएचडी से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय थीं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि अवकाश का उपयोग नियमानुसार नहीं किया गया। जिला पंचायत से मिली एनओसी में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि पढ़ाई के लिए अलग से छुट्टी नहीं दी जाएगी और केवल परीक्षा के दिनों में ही अवकाश मिलेगा। साथ ही यह शर्त भी थी कि स्कूल की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। शिकायत में कहा गया है कि इन शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।

मामले में पीएचडी के दौरान दी गई व्यक्तिगत जानकारी और डिग्री के आधार पर प्राप्त वेतन वृद्धि पर भी सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि डिग्री गलत तरीके से प्राप्त की गई है तो उससे जुड़े लाभ वापस लिए जाने चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने 20 अप्रैल 2026 को इस मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच की जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य को सौंपी गई है और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष जांच करने की बात कही गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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