Jashpur. जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में यातायात को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए विभिन्न नदियों एवं नालों पर उच्चस्तरीय पुलों और पहुंच मार्गों के निर्माण कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिल रही है। कई निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुके हैं, जबकि कुछ स्वीकृत कार्य प्रक्रियाधीन हैं। इन पुलों और मार्गों के निर्माण से लंबे समय से चले आ रहे आवागमन की समस्याओं का समाधान होगा। साथ ही जिले के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। सड़कों को विकास की धमनियां कहा जाता है क्योंकि ये लोगों की आवाजाही को सुगम बनाती हैं। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्र भी मुख्य मार्गों और शहरों से सीधे जुड़ेंगे। शासकीय योजनाओं की पहुंच भी इन क्षेत्रों में सरल और त्वरित होगी। जशपुर जिले में कुल पांच उच्चस्तरीय पुलों और पहुंच मार्गों का निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें से दो कार्य पूर्ण होने की ओर हैं, जबकि तीन प्रगतिरत हैं।

प्रगतिरत कार्यों में शामिल हैं:
केराकोना से बैगाटोली मार्ग पर ईब नदी में 6 करोड़ 06 लाख 91 हजार की लागत से 132 मीटर लंबी पुल एवं पहुंच मार्ग।
चलनी से परसाडीपा मार्ग पर पौरी नदी में 3 करोड़ 14 लाख 24 हजार की लागत से 63 मीटर लंबी उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग।
अलोरी-मतलोंगा मार्ग पर ईब नदी में 4 करोड़ 2 लाख 81 हजार की लागत से 90 मीटर लंबी उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग।

इसके अतिरिक्त, आवागमन को और सुगम बनाने के लिए ईब नदी पर निर्मित दो उच्चस्तरीय पुलों का मरम्मत कार्य 49.93 लाख रुपए की लागत से पूर्ण कर लिया गया है। इनमें तपकरा-फरसाबहार मार्ग पर पमशाला के पास ईब नदी पर पुल का वेयरिंग कोट मरम्मत कार्य और लवाकेरा-कोतबा-लैलूंगा मार्ग पर ईब नदी पर पुल का एक्सपेंशन जॉइंट मरम्मत कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि जशपुर जिले का तेजी से विकास होना चाहिए।

उनके 22 महीनों के कार्यकाल में हजारों करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य भी द्रुत गति से संचालित हो रहे हैं। जशपुर वनाच्छादित क्षेत्र है, जहां नदियाँ, नाले, पहाड़ और पठार इसकी प्राकृतिक पहचान हैं। इन इलाकों में सड़कों और पुलों के निर्माण से आवाजाही की दिक्कतें दूर होंगी और ग्रामीण क्षेत्रों की सीधे मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी होगी। इससे किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक निर्बाध पहुंच मिलेगी और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना आसान होगा। निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा होने के बाद जशपुर जिले की तस्वीर तेजी से बदलेगी और यह क्षेत्र विकास की नई ऊँचाइयों को छू सकेगा।
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