Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों के समय सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे राजस्व मामलों में पक्षकारों को अनावश्यक भटकना न पड़े और उन्हें समय पर राहत मिल सके। कलेक्टर ने जिले में चल रहे राजस्व पखवाड़ा के दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, डायवर्सन, वृक्ष कटाई अनुमति, किसान किताब की द्वितीय प्रति, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, अभिलेख सुधार और वन पट्टा फौती नामांतरण जैसे मामलों को मौके पर ही निपटाने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार अब तक 2052 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1433 का निराकरण शिविरों में किया जा चुका है।
राजस्व न्यायालय प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि 1 और 2 वर्ष से लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय दिवस पर अनिवार्य रूप से कोर्ट लें और प्रकरणों की नियमित सुनवाई सुनिश्चित करें। बैठक में यह भी तय किया गया कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सारंगढ़ अपने क्षेत्र में क्लस्टरवार राजस्व शिविर आयोजित करेंगे। इसके तहत 9 अप्रैल को मल्दा "ब", 11 अप्रैल को मड़कड़ी (तहसील बिलाईगढ़) और 13 अप्रैल को जामपाली (तहसील सरिया) में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों में राजस्व निरीक्षक और पटवारियों से समय पर प्रतिवेदन प्राप्त कर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही वन अधिकार मान्यता पत्रक धारियों के फौती नामांतरण और स्वामित्व योजना के कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने और प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने को कहा। एसडीएम को निर्देशित किया गया कि वे अधीनस्थ न्यायालयों की सतत निगरानी करें और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
बैठक में एसडीएम वर्षा बंसल, एसडीएम प्रफुल्ल रजक, डिप्टी कलेक्टर उमेश साहू, डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह सहित सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि राजस्व मामलों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और हर प्रकरण का समाधान तय समय सीमा में किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व पखवाड़ा का उद्देश्य लोगों को राहत देना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो। प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों का जल्द निराकरण होगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।