CM साय ने भगवान बुद्ध के अवशेषों की स्वदेश वापसी को बताया गौरव का क्षण
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान बुद्ध के पिपरहवा स्थित पवित्र अवशेषों की स्वदेश वापसी पर गहरी श्रद्धा और गर्व प्रकट किया है। उन्होंने इसे 127 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भारत की आध्यात्मिक धरोहर की वापसी और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, "यह क्षण न केवल प्रत्येक भारतीय के लिए भावनात्मक है, बल्कि यह भारत की उस गौरवशाली पहचान को पुनर्स्थापित करता है, जो बुद्धत्व की भूमि के रूप में विश्व में प्रतिष्ठित है। करुणा, शील और अहिंसा जैसे मूल्यों का यह प्रतीक अब पुनः अपने आध्यात्मिक स्रोत पर लौट आया है।"
उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, "प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण यह संभव हो पाया है। यह निर्णय भारतीय संस्कृति, इतिहास और आस्था को वैश्विक पटल पर पुनः प्रतिष्ठित करता है।" मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह केवल अवशेषों की वापसी नहीं है, बल्कि यह भारत के आत्मबोध और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की भी प्रतीकात्मक विजय है।