Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार देर शाम दिल्ली दौरे से रायपुर लौट आए। राजधानी के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई मुलाकात और चर्चाओं का ब्योरा साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ की दो प्रमुख चुनौतियां – नक्सलवाद और हालिया बस्तर बाढ़ पर विस्तार से बातचीत हुई।
नक्सलवाद पर चर्चा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद राज्य की सबसे गंभीर समस्या है। पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिली है, लेकिन नक्सलियों की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह नक्सली अब भी बस्तर अंचल के घने जंगलों में सक्रिय हैं और ग्रामीणों को भयभीत कर रहे हैं। साय ने कहा, "हम राज्य सरकार और केंद्र सरकार के साझा प्रयास से नक्सलवाद के खात्मे के लिए संकल्पित हैं। गृह मंत्री जी ने आश्वासन दिया है कि हर स्तर पर केंद्र से सहयोग मिलेगा।"
बस्तर में बाढ़ की त्रासदी
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में गृह मंत्री को बस्तर संभाग के कई जिलों में आई बाढ़ की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाल की बारिश से जन-धन और पशुधन को भारी नुकसान हुआ है। कई लोग बाढ़ की चपेट में आकर बह गए, तो वहीं सैकड़ों घर और पुल-पुलिया बह गए। दंतेवाड़ा, कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों में शहरों और गांवों के भीतर बाढ़ का पानी घुस आया। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता देने की भी मांग की है।
दिल्ली दौरे का एजेंडा
मुख्यमंत्री साय सोमवार सुबह उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के साथ दिल्ली रवाना हुए थे। इस दौरान साय और विजय शर्मा ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। वहीं, वित्त मंत्री ओपी चौधरी जीएसटी परिषद की अहम बैठक में शामिल होने के लिए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्यहित के मुद्दों को केंद्र के सामने रखना था। इसमें नक्सलवाद से निपटने की रणनीति और बस्तर की बाढ़ राहत प्रमुख एजेंडे में शामिल रहे।
अमित शाह ने दिया आश्वासन
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ की हर समस्या के समाधान में केंद्र सरकार साथ खड़ी है। नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्रीय बलों की संख्या बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर सहमति बनी है। वहीं, बस्तर बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए केंद्र से त्वरित राहत पैकेज देने का आश्वासन भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है। हमने गृह मंत्री जी से साफ कहा कि बस्तर जैसी संवेदनशील जगहों पर त्वरित राहत और पुनर्वास बेहद जरूरी है।"
छत्तीसगढ़ की राजनीति पर असर
विशेषज्ञ मानते हैं कि मुख्यमंत्री साय का यह दिल्ली दौरा छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन दोनों दृष्टियों से अहम है। नक्सलवाद पर केंद्र और राज्य की साझा रणनीति बनना आगामी महीनों में निर्णायक साबित हो सकता है। वहीं, बस्तर की बाढ़ से प्रभावित लाखों लोगों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र से मदद मिलने की उम्मीद और बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने रायपुर लौटकर साफ किया कि राज्य सरकार किसी भी संकट की स्थिति में जनता के साथ है और हरसंभव मदद दी जाएगी।