Bagiya. बगिया। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बगिया स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। कार्यक्रम में ‘जशपुर एक्सप्रेस योजना’ का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत जिले के सभी छह विकासखंडों के 50 महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। ई-रिक्शा मिलने से महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हुए उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना है।

छह विकासखंडों के 50 समूहों को ई-रिक्शा
कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी छह विकासखंडों से चयनित 50 महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। इससे महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। ई-रिक्शा के माध्यम से महिलाएं परिवहन से जुड़ी गतिविधियों में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी। इससे उन्हें नियमित आय का साधन मिल सकता है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी सहयोग मिलेगा। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हैं। ऐसे में ई-रिक्शा जैसी सुविधा उनके रोजगार के दायरे को और विस्तार देने में मददगार साबित हो सकती है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सपनों को नई उड़ान देने के संकल्प को दोहराया गया। इस अवसर पर कहा गया कि महिलाओं का स्नेह और विश्वास सबसे बड़ी ताकत है। महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। ‘जशपुर एक्सप्रेस योजना’ को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ई-रिक्शा मिलने के बाद महिला समूहों की सदस्य स्थानीय स्तर पर परिवहन सेवा से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ाने का प्रयास कर सकेंगी।

रक्षाबंधन पर बहनों को मिली सौगात
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने के संकल्प का पर्व है। इसी भावना के बीच आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को ई-रिक्शा की सौगात दी गई। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के लिए यह अवसर विशेष रहा, क्योंकि पर्व के दिन उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का साधन मिला। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के सभी भाई-बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी दी गईं। साथ ही महिलाओं को आगे बढ़ने, अपने सपनों को साकार करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
जिले के छह विकासखंडों के 50 महिला स्व-सहायता समूहों को ई-रिक्शा दिए जाने से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। योजना के जरिए महिलाओं को रोजगार का साधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि महिलाओं की प्रगति से परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने से उनकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। ‘जशपुर एक्सप्रेस योजना’ के शुभारंभ के साथ जिले की 50 महिला स्व-सहायता समूहों को मिली यह सौगात रक्षाबंधन के अवसर पर महिला आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है।
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