Sakti. सक्ती। धान खरीदी के बीच अवैध धान परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर जिलेभर में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में डभरा, सक्ती और जैजैपुर क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने लगभग 1450 कट्टा अवैध धान जब्त किया है। इस सख्त कार्रवाई से धान कारोबारियों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है। डभरा क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विनय कश्यप के नेतृत्व में 10 जनवरी की रात करीब 2 बजे देवरघटा से धुरकोट मार्ग पर बड़ी कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान पांच ट्रैक्टरों को रोका गया, जिनमें अवैध रूप से धान का परिवहन किया जा रहा था। प्रत्येक ट्रैक्टर में लगभग 150-150 कट्टा धान लोड पाया गया। वाहन चालकों से धान परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज, अनुमति पत्र या मंडी रसीद मांगी गई, लेकिन वे कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पांचों ट्रैक्टरों सहित धान को जब्त कर चौकी फगुरम में सुरक्षार्थ रखा गया। मामले में पंचनामा तैयार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह सक्ती में एसडीएम अरुण कुमार सोम के नेतृत्व में राजस्व और मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम पोरथा निवासी मुकेश राठौर के पास से लगभग 400 बोरी (करीब 150 क्विंटल) धान जब्त किया। यह धान भी बिना किसी वैध दस्तावेज के संग्रहित पाया गया था।
वहीं जैजैपुर क्षेत्र में 11 जनवरी की सुबह प्रशासन की टीम ने एक ट्रैक्टर और एक मासदा वाहन को रोका, जिनमें करीब 300 बोरी धान अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था। जांच के दौरान संबंधित पक्षों द्वारा न तो अनुमति पत्र प्रस्तुत किया गया और न ही मंडी रसीद या टोकन। इसके बाद दोनों वाहनों सहित धान को जब्त कर चौकी जैजैपुर में सुरक्षित रखा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि में अवैध परिवहन, भंडारण और कालाबाजारी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी। प्रशासन ने धान व्यापारियों और किसानों से अपील की है कि वे केवल वैध दस्तावेजों के साथ ही धान का परिवहन और भंडारण करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।