CG: चूड़ी लाइन में दो सांडों की भिड़ंत, मासूम बच्चा चपेट में आने से बाल-बाल बचा

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Update: 2025-08-17 18:18 GMT
Mungeli. मुंगेली। शहर के चूड़ी लाइन इलाके में शनिवार की रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब दो सांडों की भीषण भिड़ंत के बीच खेल रहा मासूम बच्चा अचानक चपेट में आ गया। दोनों मवेशी तेज रफ्तार से भागते हुए बच्चे के ऊपर से गुजर गए। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास खड़े लोगों के दिल दहल गए, लेकिन गनीमत यह रही कि बच्चे की जान बच गई और उसे गंभीर चोट नहीं आई।

अचानक भिड़ गए सांड, मासूम फंस गया बीच में
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 8 बजे सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के चूड़ी लाइन इलाके में 5 वर्षीय बच्चा अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान इलाके में मौजूद दो सांड आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों बेकाबू होकर दौड़ पड़े और पास में खेल रहे बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को समझने और बच्चे को बचाने का मौका ही नहीं मिला।

CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
यह पूरा हादसा नजदीकी CCTV कैमरे में कैद हो गया। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह दोनों सांड आपस में भिड़ने के बाद अचानक भागते हैं और बच्चा उनकी टक्कर की चपेट में आ जाता है। मवेशी उसके ऊपर से गुजरते हैं, लेकिन चमत्कारिक रूप से बच्चा बाल-बाल बच जाता है। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

आवारा मवेशियों से बढ़ती समस्या
घटना के बाद इलाके में मौजूद लोगों ने गहरी नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा मवेशियों की वजह से आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी नगरीय निकाय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने की व्यवस्था नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे को रोक पाना मुश्किल हो जाएगा।


प्रशासन के अभियान पर सवाल
छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन की ओर से गौ सेवा एवं संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत आवारा पशुओं को सुरक्षित गोठानों और शेडों में पहुंचाने की कवायद हो रही है। लेकिन शहर में लगातार हो रही घटनाएं इस अभियान की जमीनी हकीकत उजागर करती हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रहा है, जबकि सड़कों पर मवेशियों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा।

नागरिकों की जिम्मेदारी भी अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रशासन की कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए आम नागरिकों को भी जागरूक होना होगा। मवेशियों के मालिकों को अपने जानवरों को सड़क पर आवारा छोड़ने से बचना चाहिए। यदि हर व्यक्ति जिम्मेदारी निभाए, तो सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा नहीं होगा और इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकेगा।

मासूम की जिंदगी बची, लेकिन बड़ा सबक
चूड़ी लाइन इलाके में हुई इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि आवारा मवेशियों का मुद्दा अब केवल असुविधा का नहीं बल्कि सुरक्षा का बड़ा खतरा बन चुका है। जिस तरह से मासूम बच्चा मौत के मुंह से बाहर आया, वह पूरे शहर के लिए चेतावनी है। लोग कह रहे हैं कि प्रशासन को अब दिखावे से आगे बढ़कर जमीनी कार्रवाई करनी होगी, वरना अगली बार इतनी किस्मत किसी और पीड़ित का साथ न दे सके।
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