CG: फर्जी नामांतरण मामले में पटवारी निलंबित

छग

Update: 2026-06-06 16:15 GMT
Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में पैतृक जमीन के फर्जी नामांतरण से जुड़े मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को निलंबित कर दिया है। मरवाही क्षेत्र में सामने आए इस मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बाद जांच कराई गई, जिसमें पटवारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, मरवाही क्षेत्र के तीन ग्रामीणों ने कलेक्टर से लिखित शिकायत की थी कि उनकी पैतृक संपत्ति का फर्जी तरीके से फौती नामांतरण कर दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि संबंधित जमीन की रजिस्ट्री कर उसे बेचने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीणों ने पूरे मामले में भू-माफियाओं की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया में संबंधित पटवारी की भूमिका संदिग्ध है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच के निर्देश दिए और एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों की समीक्षा की गई। जांच में पटवारी रविंद्र कश्यप की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए पटवारी रविंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबन आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान रविंद्र कश्यप का मुख्यालय तहसील कार्यालय मरवाही निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता भी रहेगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भूमि संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में राजस्व मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर प्रशासन की सख्ती का संदेश गया है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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