CG: तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई, दो वनरक्षक निलंबित

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Update: 2026-06-01 16:16 GMT
Bijapur. बीजापुर। जिले के ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम में हुए बहुचर्चित अग्निकांड मामले में वन विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दो वनरक्षकों को निलंबित कर दिया है। बीजापुर वनमंडलाधिकारी (DFO) द्वारा जारी आदेश के तहत वनरक्षक सुनील बूरका और कामेश्वर एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। विभागीय जांच के दौरान प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही के संकेत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि 25 मई को बीजापुर जिला मुख्यालय से लगे ग्राम ईटपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी विकराल थी कि गोदाम में संग्रहित बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता इसकी चपेट में आ गया। आगजनी की इस घटना में लगभग 25 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता जलकर नष्ट हो गया था। विभागीय आकलन के अनुसार इस घटना में करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

घटना के बाद पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया था। करोड़ों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो जाने के कारण राज्य सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में लापरवाही की आशंका सामने आने पर विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई। इस मामले में पहले ही तत्कालीन बीजापुर वनमंडलाधिकारी रमेश कुमार जांगड़े के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। घटना के बाद उन्हें उनके पद से हटाकर रायपुर अटैच कर दिया गया था। इसके बाद अब दो वनरक्षकों के निलंबन को मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तेंदूपत्ता गोदाम की सुरक्षा, रखरखाव और निगरानी के लिए विभाग द्वारा पहले से जिम्मेदारियां निर्धारित की गई थीं। विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए थे ताकि गोदाम में संग्रहित सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हालांकि आग लगने की घटना के बाद यह सवाल उठने लगे कि जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का पालन कितनी गंभीरता से किया। वन विभाग की ओर से मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और घटना के समय गोदाम में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं किस स्थिति में थीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। दूसरी ओर पुलिस भी इस मामले की अलग से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार था। जांच में तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ मानव लापरवाही और संभावित अन्य कोणों को भी शामिल किया गया है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, गोदाम की निगरानी और संचालन से जुड़े अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। यदि जांच में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम में हुई यह आगजनी बीजापुर जिले के सबसे बड़े वन विभागीय नुकसान में से एक मानी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े इस बड़े नुकसान ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है और लोग जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल दो वनरक्षकों के निलंबन के बाद विभागीय कार्रवाई का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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