छत्तीसगढ़

रायपुर पुलिस ने छोटू भाण्डूलकर को किया जिला बदर

Shantanu Roy
1 Jun 2026 7:21 PM IST
रायपुर पुलिस ने छोटू भाण्डूलकर को किया जिला बदर
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छग
Raipur. रायपुर। रायपुर जिले में लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आदतन अपराधी आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला बदर का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रायपुर गौरव सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रायपुर श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा की अनुशंसा पर की गई है। जिला दण्डाधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत पारित आदेश में आरोपी को रायपुर सहित छह जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर पिता धारू राव भाण्डूलकर, उम्र 39 वर्ष, निवासी मैडम चौक के पास गोबरानवापारा, थाना गोबरानवापारा, जिला रायपुर को आदेश जारी होने की तिथि से सात दिनों के भीतर यानी 01 जून 2026 तक रायपुर, दुर्ग, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर जाना अनिवार्य किया गया है।
इसके साथ ही आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आरोपी आगामी छह माह की अवधि अर्थात 25 नवंबर 2026 तक उपरोक्त जिलों की सीमाओं में बिना सक्षम न्यायालय या सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के प्रवेश नहीं कर सकेगा। यदि वह आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 49 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट, सदोष अवरोध, एनडीपीएस एक्ट, जुआ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम सहित कई गंभीर अपराध और प्रतिबंधात्मक धाराएं शामिल हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों के चलते वह कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था।
प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार आरोपी की उपस्थिति से क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। उसके कारण आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का वातावरण बनने की स्थिति देखी गई थी। इन परिस्थितियों का मूल्यांकन करते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया कि सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई आवश्यक है। अधिकारियों के अनुसार यह कदम छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के प्रावधानों के तहत उठाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ऐसे आदतन अपराधियों पर नियंत्रण स्थापित करना है जो बार-बार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं और समाज में भय का माहौल पैदा करते हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करना नहीं बल्कि आम जनता को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण प्रदान करना भी है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जिले में सक्रिय अन्य अपराधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस विभाग द्वारा भी आरोपी की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी और उसके आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर ही यह अनुशंसा जिला प्रशासन को भेजी गई थी। आदेश के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। इस कार्रवाई के बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से संदेश दिया है कि जिले में कानून तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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