Bilaspur. बिलासपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शनिवार सुबह बिलासपुर के चांटापारा इलाके में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां राम मंदिर मार्ग के पास एक जर्जर मकान अचानक ढह गया, जिससे सड़क किनारे खड़ी एक कार मलबे में दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 6 से 6:30 बजे के बीच हुई। तेज बारिश के चलते पुराना मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा और देखते ही देखते मलबा पूरे सड़क पर फैल गया। हादसे के समय मकान के पास खड़ी कार सीधे मलबे के नीचे आ गई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सौभाग्य से कार के अंदर कोई मौजूद नहीं था, वरना यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना नगर निगम को दी। सूचना मिलते ही निगम की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। निगम का ट्रक बुलाकर मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। हालांकि, इस दौरान सड़क पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मकान के अचानक ढह जाने से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस इलाके में कई पुराने और जर्जर मकान मौजूद हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। बारिश के चलते इन मकानों की दीवारें और छतें कमजोर हो गई हैं, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इलाके में खतरनाक और जर्जर मकानों का तत्काल सर्वे कर उन्हें गिराया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।
नगर निगम अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हादसे में किसी के हताहत न होने से राहत है, लेकिन जर्जर मकान शहर के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं। निगम का कहना है कि बारिश के मौसम में शहरभर में ऐसे मकानों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, जिन मकानों की स्थिति बहुत खराब है, उनके मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें खाली करने और मरम्मत या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।इस घटना ने एक बार फिर बिलासपुर शहर में शहरी विकास और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के पुराने मोहल्लों में बड़ी संख्या में जर्जर मकान हैं, जो लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। हर साल बारिश के मौसम में ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इसके बाद भी जर्जर मकानों को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले ही जर्जर मकान की स्थिति का सर्वे और ध्वस्तीकरण करता, तो इस तरह की घटनाएं टाली जा सकती थीं। फिलहाल, नगर निगम ने मलबा हटाकर सड़क को फिर से सुचारु कर दिया है और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण भी किया जा रहा है।