Bilaspur. बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के गतौरा स्थित शासकीय स्कूल में शुक्रवार को एक शर्मनाक घटना सामने आई, जब नशे में धुत एक ग्रामीण ने व्याख्याता पर बेरहमी से हमला कर दिया। इस घटना से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित हो गया। घायल शिक्षक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मस्तूरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सरकंडा स्थित राजकिशोरनगर निवासी जगत राम खूंटे गतौरा स्कूल में व्याख्याता के पद पर पदस्थ हैं। शुक्रवार की सुबह वे नियमित रूप से स्कूल पहुंचे थे। दोपहर करीब तीन बजे गांव का रहने वाला दीपराज उर्फ लाला कुर्रे शराब के नशे में स्कूल परिसर में पहुँचा। आते ही उसने शिक्षकों पर आरोप लगाया कि उसकी बेटी, जो दसवीं कक्षा में पढ़ती है, के साथ स्कूल स्टाफ ने मारपीट की है। इस आरोप को लेकर उसने शिक्षकों से गाली-गलौज शुरू कर दी।
स्कूल स्टाफ ने समझाइश देकर उसे शांत करने का प्रयास किया और उसकी बेटी को साथ लाकर अगले दिन मामले की चर्चा करने की बात कही। इसके बाद आरोपी वहाँ से चला गया, लेकिन कुछ ही समय बाद वह अपने घर से लाठी लेकर लौट आया। इस बार उसने शिक्षकों से शराब पीने के लिए रुपये की मांग की। जब शिक्षकों ने रुपये देने से इंकार किया तो आरोपी उग्र हो गया और लाठी से जगत राम पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए शिक्षक सुनील गढ़ेवाल पर भी उसने हमला कर दिया। हमले में व्याख्याता जगत राम खूंटे गंभीर रूप से घायल हो गए। सहकर्मियों और स्कूल स्टाफ की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। घटना की शिकायत मस्तूरी थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी दीपराज कुर्रे पहले भी नशे में विवाद कर चुका है और आसपास के लोगों के लिए परेशानी बन चुका है। वहीं शिक्षकों ने चिंता जताई कि ऐसी घटनाएँ स्कूल में पढ़ाई का माहौल बिगाड़ती हैं और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। मस्तूरी पुलिस ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रशासन ने स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। शिक्षा अधिकारियों ने भी इस घटना की निंदा की है और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने तथा शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों की देखभाल करें और स्कूल में शांति बनाए रखने में सहयोग करें। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती शराब की लत और उससे जुड़ी हिंसा की गंभीर समस्या को उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और शिक्षा संस्थानों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।