Durg. दुर्ग। थाना मोहन नगर पुलिस ने वाहन किराये के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 09 चार पहिया वाहन और 01 मोटर साइकिल सहित कुल 10 वाहन जप्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(5), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की शुरुआत प्रार्थी आकुब खान द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनके वाहन को किराये पर लेने के बाद भुगतान नहीं किया गया। इस शिकायत के आधार पर थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 221/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि आरोपी “माँ लक्ष्मी टूर एंड ट्रेवल्स” के नाम से लोगों से वाहन किराये पर लेते थे। इसके बाद वे वाहन मालिकों को किराया भुगतान नहीं करते थे और उन वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रख देते थे। इस तरह आरोपी धोखाधड़ी कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे। जांच के दौरान पुलिस ने अमित कुमार सिंह (28 वर्ष, निवासी चारभाटा, थाना बागनदी, जिला राजनांदगांव) और वरुण सलामे (25 वर्ष, निवासी बुधवारीपारा, डोंगरगढ़) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से वाहनों की बरामदगी की गई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं उनके द्वारा गिरवी रखे गए वाहनों से कुल 10 वाहन जप्त किए हैं। इनमें महिंद्रा स्कॉर्पियो, थार, सुजुकी अर्टिगा, टाटा पंच, स्विफ्ट, वरना, बलेनो जैसी कारें और एक बुलेट मोटरसाइकिल शामिल है। जप्त वाहनों की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का मुख्य उद्देश्य छलपूर्वक वाहन किराये पर लेकर भुगतान न करना और उन्हें गिरवी रखकर पैसा कमाना था। इस प्रकार उन्होंने कई वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
थाना मोहन नगर पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई के चलते इस गिरोह का खुलासा संभव हो पाया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, पूछताछ और सूचना तंत्र के माध्यम से आरोपियों तक पहुंच बनाई और बड़ी संख्या में वाहन बरामद किए। इस कार्रवाई में थाना मोहन नगर पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सतर्कता और कुशल विवेचना के चलते आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे भी जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वाहन किराये पर देने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था का पूरी तरह सत्यापन करें और बिना वैध दस्तावेजों के वाहन न दें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
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