Korba. कोरबा। जिले में पिछले चार दिनों से जारी भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। सोमवार को एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया जब हरदी बाजार से अपने गांव भेलवाडोंगरी लौट रहे 20 वर्षीय युवक शंकर सिंह गोंड की बाइक लीलागर नदी में बह गई। गनीमत रही कि युवक किसी तरह तेज धार से बाहर निकल आया और स्थानीय लोगों की मदद से उसकी जान बचाई जा सकी।
तीन फीट ऊपर से बह रहा था पानी, फिर भी पार करने की कोशिश
घटना ग्राम नेवसा के पास लीलागर नदी की है, जहां पुराना पुल पूरी तरह से जलमग्न हो गया था। नदी में पानी का बहाव इतना तेज था कि पुल से लगभग तीन फीट ऊपर तक पानी बह रहा था। इसके बावजूद शंकर सिंह गोंड ने बाइक से नदी पार करने की कोशिश की। बीच पुल में पहुंचते ही उसकी बाइक तेज बहाव में बह गई, लेकिन युवक ने किसी तरह खुद को बचा लिया।
अधूरे पुल निर्माण ने खोली पीडब्ल्यूडी की लापरवाही की पोल
यह हादसा पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है। विभाग ने लीलागर नदी पर करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से नया पुल बनाने की योजना तो बनाई, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद पुल आज तक अधूरा पड़ा है। 60 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य ठेकेदार की लापरवाही से ठप है।
जानलेवा हो चुका है यह मार्ग
यह मार्ग बिलासपुर-सिपत को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जिससे रोजाना हजारों लोग, स्कूली छात्र और ग्रामीणों का आना-जाना होता है। लेकिन बरसात के दिनों में यह पुल जानलेवा साबित हो रहा है, जहां लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से कार्य में जानबूझकर देरी की जा रही है। इस हादसे के बाद गांव वालों में भारी आक्रोश है। उन्होंने मांग की है कि पुल निर्माण को तुरंत पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो। साथ ही, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का मामला दर्ज कर कार्यवाही की मांग भी उठ रही है।