CG BREAKING: चोरी के शक में नाबालिग को खंभे से बांधकर पीटा, देखें VIDEO...

छग

Update: 2025-10-28 16:31 GMT
Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता को भी उजागर कर दिया है। मामला राजीव नगर क्षेत्र का है, जहां एक चाय दुकान में चोरी के शक में पकड़े गए नाबालिग लड़के को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। हमलावरों ने उसे सजा देने के नाम पर पहले बेल्ट से, फिर बेसबॉल बैट और घूंसे से इतनी बर्बर मारपीट की कि उसका जबड़ा फट गया। यह पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गई और अब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


❖ घटना का वीभत्स वीडियो वायरल
वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एक मासूम लड़का बिजली के खंभे से बंधा हुआ है। उसके आसपास कई लोग खड़े हैं — कोई वीडियो बना रहा है, कोई तमाशा देख रहा है, लेकिन किसी ने भी बच्चे को बचाने की कोशिश नहीं की। वीडियो में एक युवक लगातार बेल्ट से नाबालिग को पीटता है, जबकि दूसरा बेसबॉल बैट से वार करता है। बीच-बीच में बच्चे की दर्द से निकली चीखें सुनाई देती हैं, लेकिन वहां मौजूद लोग हंसते और वीडियो बनाते नजर आते हैं। जानकारी के मुताबिक, यह घटना तीन दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद ही मामला लोगों के संज्ञान में आया।
❖ खंभे से बांधकर दी गई ‘जंगली सजा’
सूत्रों के अनुसार, राजीव नगर की एक चाय दुकान से कुछ रुपये चोरी होने की बात सामने आई थी। दुकान संचालक और उसके साथियों ने चोरी का शक एक स्थानीय नाबालिग पर किया। बिना किसी सबूत या शिकायत के, उसे पकड़कर खंभे से बांधा गया और बेल्ट, पाइप व बैट से पीटा गया। मारपीट इतनी बर्बर थी कि नाबालिग के चेहरे और जबड़े में गंभीर चोटें आईं। उसके होंठ फट गए और चेहरा सूज गया।
❖ पुलिस की चुप्पी पर सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी गंभीर और सार्वजनिक घटना के बावजूद, कोतवाली थाना पुलिस अब तक पूरी तरह खामोश है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद भी किसी तरह की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और न ही अब तक किसी आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की गई है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामले को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं।


❖ शहर में मचा आक्रोश
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और आक्रोश है। कई सामाजिक संगठनों ने कहा है कि अगर
पुलिस
कार्रवाई नहीं करती, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे। एक समाजसेवी ने कहा “यह केवल एक बच्चे की पिटाई नहीं, बल्कि इंसानियत पर हमला है। अगर कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे मामले आम हो जाएंगे।” वीडियो में भीड़ की मौजूदगी इस घटना की सबसे भयावह तस्वीर पेश करती है। कोई मदद करने आगे नहीं आया, बल्कि लोग वीडियो शूट करते रहे। यह दर्शाता है कि समाज में संवेदनहीनता किस हद तक बढ़ चुकी है। एक मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ ने कहा “यह ‘मॉब मेंटेलिटी’ का उदाहरण है, जहां लोग भीड़ में खुद की जिम्मेदारी भूल जाते हैं और अमानवीय कृत्यों का हिस्सा बन जाते हैं।”

❖ कानून के रखवालों पर उठे सवाल
कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, उनकी खामोशी अब सवाल बन चुकी है। नाबालिग से इस तरह की हिंसा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015, और आईपीसी की धारा 323, 342, 506, 504, 34 के तहत गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस को स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन रायगढ़ पुलिस की निष्क्रियता से यह संदेश गया है कि ‘कानून से ऊपर दबाव और रसूख काम करता है।’ वीडियो वायरल होने के बाद ट्विटर (एक्स), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग रायगढ़ पुलिस को टैग कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा — “अगर पुलिस अब भी चुप रही, तो अपराधियों का मनोबल और बढ़ेगा।”

❖ प्रशासन ने कहा — जांच कराई जाएगी
मामले में देर शाम कुछ अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और जल्द ही इसमें शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक कोई औपचारिक बयान या प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पिटाई के बाद घायल नाबालिग को गोपनीय रूप से इलाज के लिए भेजा गया है। उसके जबड़े और सिर पर गहरी चोटें हैं। परिवार भय के कारण मीडिया या पुलिस से खुलकर बात करने से बच रहा है।
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