CG BREAKING: नशीली इंजेक्शन के बड़े गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2025-10-19 18:26 GMT
जनता से रिश्ता की खबर का असर, सूरजपुर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
विगत 12 वर्षों से जनता से रिश्ता ने नशे के कारोबार का लगतार किया खुलासा 

Surajpur. सूरजपुर। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को पुलिस ने एक बड़ी सफलता दिलाई है। चौकी बसदेई पुलिस ने नशीली इंजेक्शन की बिक्री करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला और एक नाबालिग भी शामिल है।
पुलिस
ने आरोपियों के कब्जे से कुल 300 नशीली इंजेक्शन जब्त किए हैं, जिनकी बाजार कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर 2025 को चौकी बसदेई पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम सिरसी जूनापारा निवासी राही खान अपने घर के पास भारी मात्रा में नशीली इंजेक्शन बिक्री के लिए रखे हुए हैं। सूचना मिलने के बाद चौकी प्रभारी योगेन्द्र जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश दी और राही खान को पकड़ लिया।


पुलिस ने राही खान की तलाशी लेने पर 38 नग एविल इंजेक्शन और 10 नग रेक्सोजेसिक इंजेक्शन बरामद किए। प्रारंभिक पूछताछ में राही खान ने स्वीकार किया कि यह सभी इंजेक्शन उसने आगे की बिक्री के लिए ग्राम जमड़ी निवासी पवन पाटिल, मोहर मनिया, एक अन्य व्यक्ति और एक नाबालिग से खरीदे थे। राही खान के बयान के आधार पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने ग्राम जमड़ी में छापा मारा और मोहर मनिया को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 118 नग एविल इंजेक्शन और 134 नग रेक्सोजेसिक इंजेक्शन बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने पवन पाटिल और एक नाबालिग को भी पकड़ लिया।


इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 300 नग नशीली इंजेक्शन (एविल और रेक्सोजेसिक) जब्त किए। जब्त इंजेक्शन की अनुमानित कीमत लगभग ₹1,50,000 बताई गई है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी राही खान (40 वर्ष) निवासी ग्राम सिरसी, पवन पाटिल (18 वर्ष 4 माह), और मोहर मनिया (50 वर्ष) निवासी ग्राम जमड़ी, थाना झिलमिली के खिलाफ धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। वहीं नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। चौकी प्रभारी योगेन्द्र जायसवाल ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस प्रकार की बड़ी कार्रवाई से अन्य नशा विक्रेताओं में डर का माहौल पैदा होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम लगातार निगरानी और गुप्त सूचना प्रणाली के माध्यम से अवैध नशा तस्करी पर नजर रख रही है।


इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी योगेन्द्र जायसवाल के साथ प्रधान आरक्षक अलका टोप्पो, आरक्षक देवदत्त दुबे, निलेश जायसवाल, अशोक केंवट, अनिल विश्वकर्मा, अशोक सिंह, रामकुमार सिंह, और महिला आरक्षक पूनम सिंह की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि टीम ने गुप्त सूचना और छापेमारी के माध्यम से आरोपियों को पकड़कर जालसाजी और नशा कारोबार पर रोक लगाई। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत चौकी या थाने को दें। उन्होंने बताया कि नशा तस्करी केवल अपराध नहीं है, बल्कि यह समाज में भय, अपराध और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं को भी जन्म देती है।


विशेषकर त्योहारों के समय नशे का कारोबार बढ़ जाता है, इसलिए पुलिस प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि जिले में गश्त बढ़ाई जाए और युवा वर्ग को नशे की तरफ जाने से रोका जाए। पुलिस ने कहा कि इस तरह की सक्रिय कार्रवाइयों से न केवल नशे के कारोबार में कमी आएगी, बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी बढ़ेगा। इस मामले की पड़ताल के बाद पुलिस ने कहा कि आरोपी जेल भेजे जाएंगे और जमानत मिलने की स्थिति में भी निगरानी जारी रहेगी। साथ ही पुलिस ने बताया कि नाबालिग के लिए किशोर न्याय बोर्ड की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और उसे सुधारात्मक उपायों के तहत पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा। सूरजपुर पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि नशे के खिलाफ अभियान में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अवैध नशा बेचने वाले और तस्करों के लिए अब कोई जगह नहीं है।
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