Narayanpur. नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। शुक्रवार को अबूझमाड़ के घने जंगलों में माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुक कर हुई मुठभेड़ में कम से कम छह नक्सली मारे गए हैं। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने एके-47, एसएलआर राइफल, अन्य हथियार, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की हैं। पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने पीटीआई को जानकारी देते हुए बताया कि माओवादियों की उपस्थिति की सूचना के बाद सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम को अभियान पर भेजा गया था। अभियान के दौरान दोपहर से लगातार मुठभेड़ जारी रही।
उन्होंने बताया कि सर्चिंग अभियान में अब तक छह नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। सुरक्षाबलों की टीम मुठभेड़ स्थल पर अब भी मौजूद है और तलाशी अभियान जारी है। जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जानकारी अभियान के समापन के बाद साझा की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई से पहले नारायणपुर जिले में बीते सप्ताह 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया था। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में आठ महिलाएं भी शामिल थीं। इनमें से कुछ पर कुल 37.50 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
प्रमुख आत्मसमर्पण करने वालों में डिवीजनल कमेटी सदस्य मनकू कुंजाम उर्फ सुखलाल (इनाम ₹8 लाख), एरिया कमेटी सदस्य हिड़मे कुंजाम (इनाम ₹5 लाख), मिलिशिया कमांडर पुन्ना लाल उर्फ बोटी (इनाम ₹5 लाख), और सनीराम कोर्राम उर्फ धर्मू (इनाम ₹5 लाख) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 11 नक्सलियों पर ₹1 लाख और सात नक्सलियों पर ₹50,000 का इनाम घोषित था। ये सभी नक्सली नारायणपुर के माड़ डिवीजन के कुतुल, नेलनार और इंद्रावती एरिया कमेटी क्षेत्रों में सक्रिय थे। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई और आत्मसमर्पण की घटनाओं से स्पष्ट है कि माओवादियों की पकड़ अब कमजोर पड़ती जा रही है और सरकार की पुनर्वास नीति तथा लगातार जारी सुरक्षा अभियानों का असर दिखाई दे रहा है।