Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से हो रही बारिश और मौसम की बिगड़ती स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों की मदद के लिए कदम बढ़ाए हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से दूरभाष पर चर्चा कर चक्रवात से उत्पन्न हालात की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। गृह मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें भेजी जाएंगी।

अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय से लिया हालात का जायजा
चक्रवात अर्नब से प्रभावित राज्यों की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सहित आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की। गृह मंत्री ने राज्यों को आश्वस्त किया कि आपदा के कारण उत्पन्न कठिनाइयों को कम करने के लिए केंद्र सरकार आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय हैं।

बस्तर से रायपुर-बिलासपुर तक बारिश का प्रभाव
चक्रवाती तूफान अर्नब का प्रभाव छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। 28 अक्टूबर से बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है। वहीं, 29 अक्टूबर को रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा सहित कई इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिली हैं। लगातार बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने पहले ही चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना जताई थी।

NDRF और SDRF की टीमें राहत कार्यों में सक्रिय
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य कर रही हैं। इन एजेंसियों का प्रमुख उद्देश्य आपदा से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार ने राहत कार्यों में राज्यों के साथ समन्वय बनाए रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, छत्तीसगढ़ के किन-किन स्थानों पर कितनी बचाव टीमें तैनात हैं, इसका विस्तृत जिलावार विवरण आधिकारिक विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं कराया गया है।

नुकसान का आकलन करने आएगी केंद्रीय टीम
चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) भेजेगी। ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों में आपदा के प्रभाव और अतिरिक्त सहायता की जरूरतों का आकलन करेंगी। इसके आधार पर केंद्र सरकार आगे की सहायता संबंधी निर्णय ले सकेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की 29 अक्टूबर की विज्ञप्ति में इन टीमों को भेजने की घोषणा की गई है। हालांकि, उनके छत्तीसगढ़ पहुंचने की निश्चित तारीख अभी नहीं बताई गई है।

केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार समन्वय
चक्रवात अर्नब को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। इससे पहले राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक में भी चक्रवात से संभावित रूप से प्रभावित राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई थी। बैठक में राहत शिविरों, बचाव दलों, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा हुई थी। अब केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच हुई बातचीत के बाद राहत एवं बचाव कार्यों और नुकसान के आकलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपदा की इस स्थिति में प्रभावित राज्यों के लोगों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार चक्रवाती सिस्टम के धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतना जरूरी है।
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