रावण दहन किया तो गांव में हो जाएगा अशुभ, आज भी डरते है ग्रामीण

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Update: 2025-10-02 11:33 GMT

धमतरी। जिले का तेलिनसत्ती गांव अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है… वक्त ज़रूर बदला है लेकिन इस गांव के दस्तूर आज भी जस के तस कायम हैं। जहां पूरे देश में दशहरे पर रावण दहन होता है वहीं यहां दशहरे की खुशियाँ बिना रावण दहन के ही मनाई जाती हैं। गांववालों का मानना है कि आग जलाना उनके लिए अशुभ साबित हो सकता है।

धमतरी से कुछ ही दूरी पर बसे तेलिनसत्ती गांव की पहचान इसकी सदियों पुरानी परंपरा है। इस गांव में दशहरे पर रावण दहन नहीं किया जाता। यही नहीं होली का दहन और यहां तक कि चिता दाह तक गांव की सीमा के भीतर नहीं होता। हर बार आग से जुड़ी रस्में गांव की सरहद के बाहर निभाई जाती हैं।

गांव के बुज़ुर्गों का कहना है कि सदियों पहले इस गांव में एक महिला ने अपने पति की चिता पर सती हो गई थी। तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि गांव के भीतर किसी भी मौके पर आग नहीं जलाई जाएगी। लोगों का विश्वास है कि ऐसा करने से गांव पर आफ़त आ सकती है।

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