बिल्डर पर करोड़ों की ठगी का आरोप, प्रमोद दुबे ने पुलिस आयुक्त से की कार्रवाई की मांग

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Update: 2026-04-23 14:24 GMT
Raipur. रायपुर। रायपुर में एक निर्माण कंपनी पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं। यूके कॉन्सेप्ट डिजाइनर विजियासन देवी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइनर प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर मोहित सोलंकी पर शहर के कई लोगों से करोड़ों रुपए लेकर अधूरे मकान छोड़ देने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर दो दर्जन से अधिक पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व महापौर प्रमोद दुबे के साथ बड़ी संख्या में रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी और विभिन्न विभागों में कार्यरत लोग
पुलिस आयुक्त
संजीव शुक्ला से मिले। पीड़ितों में विमल शर्मा, तिलक राम पटेल, सुरेश कुमार बिसेन, अंकित गुप्ता, हेमंत पुजारा, राजेश पांडे सहित अन्य लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी ने उनके प्लॉट पर मकान निर्माण का ठेका लिया और लाखों रुपए एडवांस के रूप में ले लिए, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया।

पीड़ितों के अनुसार, किसी से 92 लाख, किसी से 39 लाख, 28 लाख, 61 लाख, 24 लाख और 36 लाख रुपए तक लिए गए। कई मामलों में मकान का केवल 40 से 60 प्रतिशत निर्माण कर काम रोक दिया गया। इससे लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी फंस गई है और वे आर्थिक संकट में आ गए हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि मोहित सोलंकी ने अलग-अलग नामों से कंस्ट्रक्शन कंपनियां बनाकर करीब 50 से अधिक लोगों के साथ इसी तरह की ठगी की है। उन्होंने बताया कि मैग्नेटो मॉल स्थित कंपनी का कार्यालय भी बंद कर दिया गया है और आरोपी ने हितग्राहियों से संपर्क करना बंद कर दिया है। कई बार आरोपी के घर पर भी ताला लगा मिला, जिससे लोगों को उससे मिलने में कठिनाई हो रही है। पीड़ितों ने यह भी बताया कि कुछ मामलों में आरोपी ने रकम लौटाने के लिए एग्रीमेंट किया था और पोस्ट डेटेड चेक दिए थे। लेकिन अधिकांश चेक बाउंस हो गए या भुगतान रोक दिया गया।

उदाहरण के तौर पर, राजेश पांडे को 38 लाख, हेमंत पुजारा को 16 लाख, अंकित गुप्ता को 28 लाख, विमल शर्मा को 15 लाख, सुरेश बिसेन और तिलक राम पटेल को 6-6 लाख रुपए लौटाने का वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। मामले में पीड़ितों ने रेरा और उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी जताई गई है। उनका कहना है कि कार्रवाई में देरी के कारण आरोपी का हौसला बढ़ता जा रहा है और वह अन्य लोगों को भी अपने जाल में फंसा रहा है। पूर्व
महापौर प्रमोद दुबे
ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आरोपी ने मध्यम वर्गीय परिवारों और सीनियर सिटीजन को निशाना बनाकर उनकी जीवनभर की बचत हड़प ली है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों में तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि अन्य लोग इस तरह की ठगी का शिकार न हों। पीड़ितों का कहना है कि कई लोगों ने मकान निर्माण के लिए बैंक से लोन लिया था और अब उन्हें बिना मकान के ही ब्याज चुकाना पड़ रहा है। इस स्थिति ने उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित किया है। पुलिस आयुक्त को दिए गए ज्ञापन में पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी राशि वापस दिलाने और अधूरे मकानों का निर्माण पूरा कराने की भी अपील की है। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और पीड़ितों को कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
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