बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ में नौकरी के नाम पर ठगी करने के कई मामले सामने आते रहते है, एक ऐसा ही मामला बलौदाबाजार जिले से आया है, जहां भाटापारा में नौकरी के नाम पर दीदी और जीजा ने अपने ही साले से लाखों रुपए ठग लिए। फ़िलहाल शिकायत के बाद पुलिस ने ठगी के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी दंपती को रायपुर से गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, महावीर वार्ड निवासी आरोपी वीरेन्द्र साहू और उसकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने सगे साले को बिजली विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 2 लाख रुपये लिए थे। शिकायत के बाद दोनों आरोपी वर्ष 2025 से फरार चल रहे थे। मामला भाटापारा शहर थाना क्षेत्र का है। जहां रिश्ते में भरोसा ही ठगी का आधार बन गया। आरोप है कि महावीर वार्ड निवासी वीरेन्द्र साहू ने अपने ही सगे साले को बिजली विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। नौकरी की उम्मीद में साले ने आरोपी को करीब 2 लाख रुपये दे दिए। लेकिन रकम लेने के बाद न नौकरी लगी… और न ही पैसे वापस मिले। इसके बाद पीड़ित ने अपने ही सगे जीजा वीरेन्द्र साहू और बहन के खिलाफ भाटापारा शहर थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी वीरेन्द्र साहू पूर्व में शिक्षा विभाग में संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम कर चुका था। इसी वजह से नौकरी लगवाने के नाम पर उसके साले को उस पर भरोसा हुआ… लेकिन आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर उससे रकम ले ली गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी दंपती फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार दोनों की तलाश कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के रायपुर में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद भाटापारा शहर थाना पुलिस ने रायपुर पहुंचकर आरोपी वीरेन्द्र साहू और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और नौकरी के नाम पर ली गई रकम, ठगी में पत्नी की भूमिका और पूरे मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। यानी जिस रिश्ते में भरोसा सबसे ज्यादा होता है। उसी रिश्ते में नौकरी का सपना दिखाकर दो लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा… और अब सगा जीजा-दीदी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
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