रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाकर एक बार फिर लोकतंत्रीय परंपरा का अनादर किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता कांग्रेस में लोकतंत्र नहीं होने की बात कहकर हमेशा आलोचना करते रहते थे। कांग्रेस ने तो अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का बाकायदा चुनाव करवाया जबकि भाजपा ने बगैर चुनाव कराए अपने अध्यक्ष को फिर से एक साल के लिए मनोनित कर दिया। इससे पार्टी के भीतर लोकतंत्र होने की उसके नेताओं का दावा खोखला साबित हो गया। कांग्रेस प्रवक्ता ने गृहमंत्री अमित शाह के पार्टी की परंपरा एवं अध्यक्षी कार्यकाल में 70 चुनाव जीतने का हवाला देकर मनोनयन को सही ठहराने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सत्य तो यह है कि भाजपा में चंद शीर्ष नेताओं के फैसले ही सब कुछ होता है। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की कोई अहमियत नहीं होती उन्हें शीर्ष नेताओं के फैसले को हाथ उठाकर स्वीकार करना होता है।
मोहम्म्द असलम ने यह भी कहा कि कांग्रेस में हर कार्यकर्ता की आवाज सुनी जाती है और उसे अहमियत भी दी जाती है। कांग्रेस पार्टी ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर चलने वाली एक मात्र राष्ट्रीय पार्टी है जो ब्लाक से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष भी सांगठनिक चुनाव के जरिए चुनती है। भाजपा की कथनी-करनी हमेशा से अलग-अलग है। दरअसल भाजपा में पार्टी के शीर्ष नेताओं के फैसले ही सर्वोपरि होते हैं और संगठन भी उन्हीं के फैसलों पर ही काम करता है। चुनाव कराए बगैर राष्ट्रीय अध्यक्ष को मनोनित करने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं हो सकती, यह फैसला थोपने की परंपरा है जिस पर भाजपा चलती है।
Tags: