Pendra. पेंड्रा। मरवाही ब्लॉक के पीपरडोल गांव में मंगलवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक भालू ने खेत में काम कर रहे ग्रामीण पर हमला कर दिया। खेत में धान की फसल देखने गए ग्रामीण हीरा सिंह पर भालू ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में उनके हाथ और कमर पर गहरे घाव आए हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह हीरा सिंह अपने खेत में धान की फसल का निरीक्षण करने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों के बीच छिपा भालू अचानक उन पर टूट पड़ा। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लाठियों व डंडों की मदद से भालू को जंगल की ओर खदेड़ दिया। ग्रामीणों की सतर्कता से हीरा सिंह की जान बच सकी, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल ग्रामीण को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि घायल की हालत अब स्थिर है, परंतु चोटें गहरी होने के कारण कुछ दिनों तक निगरानी रखनी होगी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या खेत की ओर न जाएं और किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना दें। विभाग ने आस-पास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने की बात कही है ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। स्थानीय वन अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में भालुओं की गतिविधि बढ़ गई है।
इसका कारण जंगलों में जल स्रोतों की कमी और वन क्षेत्र में मानव हस्तक्षेप बताया जा रहा है। कई बार जंगलों में आग लगने या पेड़ों की कटाई से भालू अपने प्राकृतिक आवास से भटककर ग्रामीण इलाकों की ओर आ जाते हैं। गांव के सरपंच ने बताया कि इस क्षेत्र में पिछले एक महीने में यह दूसरी घटना है जब भालू ने इंसानों पर हमला किया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव के आसपास गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए तथा ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाए। वन विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खेतों और जंगलों में समूह में जाएं, टॉर्च और डंडा साथ रखें, और सुबह-शाम के समय खेतों की ओर जाने से बचें। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों के पीछे पर्यावरणीय असंतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की कमी प्रमुख कारण है। भालू का यह हमला एक बार फिर वन्यजीवों और मनुष्यों के बीच बढ़ते टकराव की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों में भय का माहौल है, वहीं प्रशासन सतर्कता बरतने और गश्ती दल सक्रिय रखने की बात कर रहा है।