लेखापरीक्षा पखवाड़ा: वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन पर जोर

छग

Update: 2025-11-26 13:11 GMT
Raipur. रायपुर। वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को रायपुर स्थित महालेखाकार आवासीय परिसर (सामुदायिक भवन) में भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग द्वारा आयोजित लेखापरीक्षा पखवाड़ा 2025 में शामिल होकर वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और उत्तरदायी प्रशासन पर अपने विचार रखे। इस कार्यक्रम में प्रधान महालेखाकार यशवंत कुमार सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान महालेखाकार कार्यालय द्वारा विभागीय कार्यों और लेखापरीक्षा प्रणाली पर आधारित प्रस्तुति से हुई। वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि शासन की सभी नीतियों और योजनाओं की सफलता में पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि लेखा और लेखापरीक्षा विभाग शासन की वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली सबसे सशक्त कड़ी है, इसलिए इसके कार्यों को और अधिक तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की आवश्यकता है।


चौधरी ने कहा कि आज के समय में शासन की वित्तीय व्यवस्था तेजी से डिजिटल रूप ले रही है। ऐसे में ऑडिट प्रक्रियाओं का भी पूर्ण डिजिटल एकीकरण जरूरी है, जिससे समयबद्धता और सटीकता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी खर्चों की निगरानी, वित्तीय अनियमितताओं की रोकथाम और नीति निर्माण में ऑडिट रिपोर्टें एक दिशा-निर्देशक के रूप में कार्य करती हैं। वित्तमंत्री ने सभी अधिकारियों को वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और प्रभावी ऑडिट प्रथाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि
लेखापरीक्षा
पखवाड़ा जैसे आयोजन विभाग में सीखने, क्षमता निर्माण और स्वयं के कार्यों की समीक्षा का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे शासन की विश्वसनीयता और मजबूत होती है। प्रधान महालेखाकार यशवंत कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और लेखापरीक्षा पखवाड़ा के उद्देश्य, विभागीय नवाचारों तथा भविष्य की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग लगातार तकनीकी साधनों को अपनाते हुए ई-ऑडिट, डेटा विश्लेषण, और जोखिम आधारित लेखापरीक्षा को बढ़ावा दे रहा है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों के साथ बातचीत सत्र आयोजित हुआ, जिसमें वित्तीय प्रबंधन, लेखापरीक्षा संबंधी चुनौतियों और सुधार की संभावनाओं पर खुलकर चर्चा हुई।
Tags:    

Similar News