Raipur. रायपुर। राजधानी के आमानाका थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग का कर्मचारी बनकर ठग ने एक नर्सिंग ऑफिसर से ₹1,64,899 की ठगी कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित हरकेश सिंह यादव (36 वर्ष), जो वर्तमान में एम्स अस्पताल रायपुर में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, हर्षित विहार कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। उन्होंने अपने नए मकान के लिए चंगोराभाठा स्थित बिजली कार्यालय में मीटर कनेक्शन हेतु आवेदन दिया था। बताया जा रहा है कि 25 मार्च को उनके घर में अस्थायी बिजली मीटर लगाया गया था। इसके अगले दिन 26 मार्च को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए मीटर वेरिफिकेशन के नाम पर एक APK फाइल भेजी और उसे खोलकर जानकारी भरने को कहा।
पीड़ित ने भरोसा कर फाइल को ओपन कर आवश्यक जानकारी भर दी। ठग ने मीटर का बीपी नंबर भी बताकर विश्वास जीत लिया। इसके बाद उससे मात्र 13 रुपये का भुगतान करने को कहा गया। जैसे ही पीड़ित ने अपने HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज की, कुछ ही मिनटों में उसके खाते से ₹9,999 Blinkit और ₹1,54,900 Apple खाते में ट्रांजेक्शन हो गया। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने तुरंत उक्त नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन ठग ने कॉल उठाना बंद कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने आमानाका थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला फर्जी APK फाइल के जरिए मोबाइल हैकिंग और बैंक डिटेल चोरी से जुड़ा है। इस तरह के साइबर अपराधों में ठग सरकारी विभाग का कर्मचारी बनकर लोगों को झांसे में लेते हैं और उनकी निजी व बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात नंबर से आए कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें, विशेषकर जब कोई APK फाइल डाउनलोड करने या बैंक डिटेल साझा करने के लिए कहे। साथ ही किसी भी प्रकार के ऑनलाइन भुगतान से पहले पूरी तरह सतर्क रहें।