Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर की तहसील कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त तहसीलदार प्रकाश सोनी पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में 15 अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से रायपुर कलेक्टर और एसडीएम को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रकाश सोनी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक दलाल मनोज सिंह ठाकुर (हल्का पटवारी ग्राम मठपुरैना श्वेता वैष्णव के पति) को अपने कार्यालय और निजी केबिन में बुलाकर घंटों बैठाते हैं। आरोप है कि मनोज सिंह ठाकुर के माध्यम से तहसीलदार रिश्वत लेकर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और त्रुटि सुधार जैसे प्रकरणों को बिना वैधानिक प्रक्रिया के एक ही दिन में निपटा देते हैं।
शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि मनोज सिंह ठाकुर न तो कोई पक्षकार हैं, न अधिवक्ता और न ही किसी का मुख्तयारनामा धारक, फिर भी वह रोजाना तहसीलदार के केबिन में आता-जाता है और आवेदन-पत्र तथा दस्तावेज जमा कराता है। इस प्रक्रिया के जरिए कथित रूप से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन पक्षकारों या वकीलों ने रिश्वत देने से इनकार किया, उनके प्रकरणों में जानबूझकर खामियां निकाली जाती हैं और उन्हें महीनों तक लटकाया जाता है। जबकि रिश्वत देने वाले पक्षकारों के प्रकरण बिना पेशी-तारीख और नियम-कानून की अनदेखी कर तुरंत पास कर दिए जाते हैं।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि प्रकाश सोनी के इस कार्य से तहसील कार्यालय में नैतिक और प्रशासनिक ह्रास देखने को मिला है और इससे आम जनता का सरकारी तंत्र पर से विश्वास घट रहा है। अधिवक्ताओं ने कलेक्टर और एसडीएम से इस मामले की त्वरित जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसील कार्यालय में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भी चिंता की लहर है। अधिवक्ताओं ने इस शिकायत के माध्यम से प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्यायालय का सहारा लेने को मजबूर होंगे।
राजधानी रायपुर में यह मामला तहसील कार्यालय के प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार और पद दुरुपयोग के गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने अभी तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मामले की जांच शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि अतिरिक्त तहसीलदार प्रकाश सोनी के खिलाफ कौन-सी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अधिवक्ताओं की शिकायत ने प्रशासन और आम जनता दोनों के बीच चिंता और उम्मीदों का मिश्रण पैदा कर दिया है।