स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में लगेंगे आधार शिविर, मुख्य सचिव के निर्देश
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में आधार कार्ड की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक कदम उठाने का निर्णय लिया है। अब प्रदेश के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष शिविर लगाकर बच्चों सहित सभी पात्र लोगों का आधार नामांकन, अपडेट और सत्यापन कराया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र व्यक्ति आधार से वंचित न रहे। मुख्य सचिव ने आज महानदी भवन स्थित मंत्रालय में एलडब्ल्यूई (वामपंथी उग्रवाद) प्रभावित जिलों में आधार नामांकन, अपडेशन और उपलब्धता की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ सीधे आधार से जुड़ा है, इसलिए आधार की उपलब्धता सामाजिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
स्कूलों और आंगनबाड़ी में शत-प्रतिशत कवरेज पर जोर
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज सभी बच्चों का आधार अनिवार्य रूप से बनाया जाए। इसके लिए अधिकारियों को रणनीतिक तरीके से कार्य करने को कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सबसे पहले स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाए, यह देखा जाए कि कितने बच्चों का आधार पहले से बना है और कितने बच्चों का आधार अभी नहीं बना है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का आधार नहीं बना है, उनके लिए आगामी माह में विशेष शिविर आयोजित कर नामांकन और अपडेट का कार्य पूरा किया जाए। इससे बच्चों के शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
कलेक्टरों को नियमित समीक्षा के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे आधार नामांकन और अपडेशन की नियमित समीक्षा करें। प्रत्येक जिले में यह सुनिश्चित किया जाए कि आधार से वंचित लोगों की संख्या लगातार घटे। एलडब्ल्यूई प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष ध्यान देते हुए मोबाइल टीमों के माध्यम से आधार शिविर लगाए जाएं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था
मुख्य सचिव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आधार से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय के लिए नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। ये नोडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में आधार नामांकन, अपडेट और शिकायत निवारण की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर आधार से संबंधित कार्य कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत सचिवों और संबंधित विभागों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को शिविरों की जानकारी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों का लाभ उठा सकें।
एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों पर विशेष फोकस
बैठक में विशेष रूप से एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि इन क्षेत्रों में आधार की उपलब्धता कई बार चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय के साथ इन क्षेत्रों में आधार शिविरों का आयोजन किया जाए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा आईटी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीईओ चिप्स प्रभात मलिक, स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त सचिव संतन देवी जांगड़े सहित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आधार से जुड़ी योजनाओं का लाभ
मुख्य सचिव ने कहा कि आधार न केवल पहचान का माध्यम है, बल्कि यह सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और लाभार्थियों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करता है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश का कोई भी नागरिक आधार से वंचित न रहे। राज्य सरकार के इस फैसले से आने वाले समय में स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को आधार से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकेंगे।