Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में एक युवक ने महिला मित्र से हुए विवाद के बाद तनाव में आकर आत्महत्या का प्रयास किया। युवक रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन के सामने आने की प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन समय रहते पुलिस की सूझबूझ और तत्परता से उसकी जान बच गई। पुलिस ने युवक को समझाकर थाने लाया, परामर्श दिया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मामला मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, तेलीबांधा निवासी युवक पिछले कुछ दिनों से अपनी एक महिला मित्र के साथ व्यक्तिगत रिश्तों को लेकर विवाद में चल रहा था। इस विवाद के कारण युवक मानसिक रूप से बेहद तनावग्रस्त और अवसादग्रस्त हो गया था। सोमवार को लगभग सुबह 11:50 बजे युवक अपनी दुकान जाने के लिए घर से निकला था।
रास्ते में युवक को महिला मित्र का फोन आया, जिसके दौरान दोनों के बीच फिर से कहासुनी और विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि युवक ने मोबाइल फोन बंद कर लिया और जीवन खत्म करने का निर्णय ले लिया। इसके बाद वह अपनी स्कूटी से मंदिर हसौद-परसदा रोड होते हुए रेलवे लाइन के पास स्थित रेडियम ब्रिज पहुंच गया। उसने अपनी स्कूटी सड़क किनारे खड़ी की और पैदल जाकर रेलवे ट्रैक पर खड़ा हो गया, जहां से गुजरने वाली ट्रेन का इंतजार करने लगा। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने युवक को पटरी पर खड़ा देखकर संदेह जताया और तुरंत सीएसपी माना व थाना प्रभारी मंदिर हसौद को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और समय रहते युवक को रेलवे ट्रैक से हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले आई। पुलिस ने युवक को थाने लाकर पूछताछ की।
उसने बताया कि वह महिला मित्र से लगातार हो रहे विवाद और तनाव के कारण परेशान था और उसी झगड़े के बाद उसने आत्महत्या करने का विचार किया था। युवक की हालत देखकर पुलिस ने उसे मनोवैज्ञानिक परामर्श और भावनात्मक समझाइश दी। थाना प्रभारी ने युवक के परिजनों को बुलाया और पूरा घटनाक्रम बताया। परिजन भी युवक की मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित थे। पुलिस अधिकारियों की सहानुभूतिपूर्ण बातचीत और परामर्श के बाद युवक शांत हो गया और उसने भविष्य में ऐसा कदम दोबारा न उठाने का वादा किया। एसपी रायपुर के निर्देश पर पुलिस ने युवक को परिजनों के हवाले कर यह सुनिश्चित किया कि उसे भावनात्मक सहारा और मानसिक सहयोग मिले, ताकि वह फिर से अवसाद में न जाए। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी विवाद या तनाव की स्थिति में आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं, बल्कि परिवार, दोस्तों या परामर्शदाताओं से बात करें। उन्होंने कहा कि “जीवन का हर संकट अस्थायी होता है, लेकिन जीवन अनमोल है।”