Durg. दुर्ग। रजत जयंती महोत्सव 2025 के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग दुर्ग द्वारा तृतीय लिंग समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए कार्यशाला और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन आज विवेकानंद ऑडिटोरियम, साक्षरता भवन, दुर्ग में किया गया। कार्यक्रम में जिले के 109 तृतीय लिंग समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपसंचालक समाज कल्याण विभाग दुर्ग ए.पी. गौतम ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में देवनारायण चन्द्राकर, प्रभारी लोक कर्म विभाग, नगर पालिक निगम दुर्ग उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सौरभ सेन्ड्रे, आदेश कुमार रामटेके (अधिवक्ता, जिला विधिक सहायता), और त्रिलोकचंद चौधरी, सदस्य जिला स्तरीय तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि चन्द्राकर ने तृतीय लिंग समुदाय के लिए निगम द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने हरसंभव सहायता का आश्वासन देते हुए उपस्थित लोगों को योजनाओं के लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।

खाद्य विभाग की ओर से सहायक खाद्य अधिकारी शशि ने राशन कार्ड संबंधी जानकारी प्रदान की और कार्यक्रम स्थल पर ही नवीन राशन कार्ड हेतु आवेदन भरवाए गए। कार्यक्रम में सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा हुई, जिसमें तृतीय लिंग समुदाय के सदस्य अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को साझा कर सकते थे। कार्यशाला में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानूनी सहायता से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी गई। तृतीय लिंग समुदाय के लोगों को उनके अधिकारों और उपलब्ध योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को आगे भी नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिसमें तृतीय लिंग समुदाय के प्रतिभागियों ने नृत्य और गायन प्रस्तुत कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इससे कार्यक्रम में जीवंतता और उत्साह बना रहा। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम तृतीय लिंग समुदाय को सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। भविष्य में ऐसे और भी कार्यशालाओं और सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन कर समुदाय के विकास और उत्थान को बढ़ावा दिया जाएगा।
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