Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक अंतर्गत जामगांव आर थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें पौहा निवासी तरुण चंद्राकर (40 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनके दोनों बच्चे सुरक्षित रहे। जानकारी के अनुसार तरुण चंद्राकर कुम्हली सेवा सहकारी समिति में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार को कार्यालय का काम खत्म करने के बाद वे अपने दो बच्चों के साथ पौहा से जामगांव आर की ओर बाजार जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शाम करीब 5:15 बजे पौहा और कुम्हली गांव के बीच विपरीत दिशा से आ रही साहू ट्रेवल्स की सवारी बस (क्रमांक CG 05 J 0124) ने तरुण चंद्राकर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तरुण चंद्राकर की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि उनके दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की चोट नहीं आई।
हादसे की सूचना मिलते ही जामगांव आर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जब पुलिस मृतक के शव को 112 वाहन में रख रही थी, तभी आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इससे दुर्ग-धमतरी मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और आसपास के क्षेत्रों में भारी जाम लग गया। घटनास्थल पर पाटन एसडीओपी अनूप लकड़ा और पाटन तहसीलदार भी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और व्यवस्था बनाए रखी। स्थानीय लोग मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजा, बस ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के बेहतर इंतजाम की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि हादसे के बाद सड़क पर सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं अक्सर होती हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि सड़क पर नियमित पेट्रोलिंग, गति नियंत्रण और सिग्नल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी की जान खतरे में न पड़े।
पुलिस ने बताया कि बस चालक को हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का आक्रोश इस बात को लेकर है कि नियमित भुगतान और सख्त नियमों के अभाव में वाहन चालक लापरवाही करते हैं, जिससे गंभीर हादसे होते हैं। इस दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर मार्ग को खुलवाया और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। फिलहाल मृतक के परिजनों को प्रशासन द्वारा मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस घटना ने दुर्ग जिले में सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और सभी मार्गों पर यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।