रायपुर में 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन

छग

Update: 2025-12-28 12:50 GMT
Raipur. रायपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार रायपुर के तत्वावधान में शहीद नंदकुमार कुमार पटेल महाविद्यालय परिसर, बिरगांव रायपुर में आयोजित 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे ऋषिपुत्रों द्वारा प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देवस्थापना एवं 51 कुण्डों का वेदी पूजन संपन्न कराया गया। इसके साथ ही गायत्री महायज्ञ विधिवत प्रारंभ हुआ। यज्ञ प्रारंभ होते ही वातावरण मंत्रमुग्ध हो गया और परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
महायज्ञ में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने एक साथ सामूहिक रूप से वेदमंत्र, गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र एवं नवग्रह मंत्रों का उच्चारण करते हुए यज्ञ देव को आहुतियां समर्पित कीं। यज्ञ अग्नि में आहुति डालते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर श्रद्धा, विश्वास और आत्मिक शांति स्पष्ट झलक रही थी। आयोजन स्थल पर अनुशासन, स्वच्छता और भक्तिमय वातावरण ने सभी को आकर्षित किया। आयोजक शंकर लाल साहू एवं गायत्री परिवार के जिला समन्वयक लच्छूराम निषाद ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भाव और सकारात्मक सोच का विस्तार करना है। उन्होंने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का मूल आधार है, जो व्यक्ति और समाज दोनों को संस्कारित करता है।
महायज्ञ के उपरांत युवाओं को सही दिशा देने के उद्देश्य से ‘युग सृजेता युवा सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में रायपुर युवा प्रकोष्ठ प्रभारी आशीष राय (शहर प्रभारी) एवं डागेश्वर साहू (ग्रामीण प्रभारी) ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं को संगठित और एकजुट होकर समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय युवाओं की विचार प्रक्रिया को नई दिशा देते हुए शांति, सद्भाव और पुनः सतयुग की स्थापना में योगदान देने का आह्वान किया।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के भूतपूर्व छात्र वेदप्रकाश साहू ने अपने संबोधन में समय प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि युवा एक समय में एक ही कार्य को पूरे मनोयोग और एकाग्रता के साथ करें, तो उसके परिणाम निश्चित रूप से सकारात्मक और सफलतादायक होते हैं। समय का सही उपयोग ही जीवन को सार्थक बनाता है। सम्मेलन में डॉ. घनश्याम पटेल ने नशामुक्ति पर प्रभावी व्याख्यान दिया। उन्होंने युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशा नहीं करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज को भी कमजोर करता है।
मंच संचालन के दौरान प्रगति भोई ने वीर रस की ओजस्वी कविता प्रस्तुत कर युवाओं में जोश, उत्साह और राष्ट्रप्रेम का संचार किया। उनके काव्य पाठ ने पूरे पंडाल को ऊर्जा से भर दिया। मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम एवं दिया प्रभारी अमित डोये ने बताया कि युवा सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक अध्यात्मवाद के माध्यम से युवावस्था में दिव्यता का प्रकटीकरण करना है। साथ ही शिक्षित, स्वस्थ, आत्मनिर्भर, विनम्र और संवेदनशील युवाओं के माध्यम से दिव्य भारत के पुनर्निर्माण का संकल्प भी इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है। आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों की सहभागिता ने इसे सफल और यादगार बना दिया।
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