रामसेतु पुल में युवती ने आत्महत्या की कोशिश, वीडियो देख लोग सहमें

छग

Update: 2025-08-24 14:20 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। रविवार रात बिलासपुर शहर में एक बड़ी घटना टल गई, जब रामसेतु पुल पर एक युवती ने आत्महत्या का प्रयास किया। रात लगभग 10:25 बजे यह घटना घटी, लेकिन मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से युवती की जान बचा ली गई। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवती अचानक रामसेतु पुल की रेलिंग पर चढ़ गई और नीचे छलांग लगाने की कोशिश करने लगी।

वहां से गुजर रहे लोगों ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए उसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान स्थानीय निवासी मिक्की मिश्रा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सरकंडा थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम 15 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतारा। उसे तत्काल थाने ले जाया गया, जहां उसकी सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।


युवती की पहचान और प्राथमिक जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवती का नाम संगीता बंजारे है। वह व्यक्तिगत कारणों से मानसिक तनाव में थी और इसी तनाव में उसने यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक युवती की स्थिति और आत्महत्या की वजहों को सार्वजनिक नहीं किया है। युवती से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन परिस्थितियों ने उसे इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।

स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टली बड़ी घटना
रामसेतु पुल शहर के व्यस्त इलाकों में से एक है। ऐसे में अचानक युवती का रेलिंग पर चढ़ जाना वहां मौजूद लोगों के लिए चौंकाने वाला दृश्य था। कई लोगों ने आवाज लगाकर उसे रोकने की कोशिश की, वहीं कुछ ने नजदीक जाकर उसका हाथ पकड़ लिया। यदि थोड़ी सी भी देर होती, तो यह घटना बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी।

पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता
सरकंडा पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया इस घटना में निर्णायक साबित हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह की भीड़ या अफरातफरी को नियंत्रित करते हुए युवती को सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए युवती को थाने लाकर उसका मनोबल बढ़ाने और काउंसलिंग की पहल की है।

पुलिस की अपील
घटना के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मानसिक तनाव या किसी भी तरह की पारिवारिक/सामाजिक समस्या का समाधान आत्महत्या नहीं है। जरूरत पड़ने पर लोग अपने नजदीकी थाने, हेल्पलाइन नंबर या काउंसलिंग सेंटर से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या की प्रवृत्ति एक गंभीर सामाजिक समस्या है, और इससे बचाव के लिए समाज को जागरूक होना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव, अवसाद और पारिवारिक कलह जैसी परिस्थितियां लोगों को आत्महत्या जैसे कदम की ओर धकेल देती हैं। यदि समय रहते ऐसे लोगों की काउंसलिंग हो और उन्हें भावनात्मक सहारा मिले, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। पुलिस और प्रशासन ने ऐसे मामलों में सहयोग देने के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबर और सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
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