Raipur. रायपुर। रायपुर के थाना अभनपुर क्षेत्र में ग्राम परसदा के मेला स्थल पर बाहरी लोगों के साथ हुई मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है। दिनांक 22 अक्टूबर 2025 की रात लगभग 11.30 बजे यह घटना घटित हुई। घटना के अनुसार, पीड़ित अपने मित्रों वेदप्रकाश सोनकर, विकास सिका, तरूण देवांगन और अजय देवांगन के साथ हुंडई वरना कार (CG04 NL 8892) में ग्राम रवेली अपनी बहन ममता सोनकर के घर त्यौहार के उपलक्ष्य में मिलने गए थे। इसके बाद वे ग्राम परसदा स्थित मेला देखने पहुंचे, जो गौरा गौरी उत्सव के अवसर पर आयोजित किया गया था। पीड़ित ने बताया कि तालाब के किनारे मेला स्थल पर एक लड़के ने उनसे उनके गांव के बारे में पूछा। जब उन्होंने कहा कि वे भाठागांव, रायपुर के रहने वाले हैं, तब लड़के ने उन्हें बताया कि "यहाँ बाहरी लोगों का आना मना है, तुम लोग यहाँ से भागो।" पीड़ित ने बताया कि उन्होंने ठीक है भाई कहकर वहां से जाने की कोशिश की, लेकिन उस लड़के बादल साहू ने अपने दो-तीन साथियों को बुलाकर उनका रास्ता रोक लिया। बादल साहू और उसके साथियों ने मां-बाप और बहन की अपशब्द भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
इसके साथ ही उन्होंने हाथ, मुक्का, डंडा और रॉड से पीटना शुरू किया। पीड़ित के अनुसार, उनके साथी वेदप्रकाश सोनकर और विकास सिका भी बीच-बचाव में घायल हो गए, उन्हें सिर, बायें जांघ और पीठ में चोटें आई। घटना के दौरान पीड़ित के जेब में रखे लगभग 10,000 रुपये और गले में पहना चांदी का चैन भी छिन लिया गया। मारपीट के दौरान आरोपी ने उनसे साइड जेब में रखे 8,000 रुपये भी जबरन ले लिए। इसके बाद पीड़ित और उनके साथी लगभग 1 किलोमीटर तक दौड़ाए गए और फिर जान बचाकर वहां से भागने में सफल हुए। पीड़ित ने बताया कि इस पूरी घटना को उनके साथी तरूण देवांगन और अजय देवांगन ने देखा और सुना। चोट लगने के बाद पीड़ित ने वैदेही अस्पताल, रायपुर में प्राथमिक उपचार कराया। आज दिनांक 23 अक्टूबर 2025 को पीड़ित ने थाना अभनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थाना अभनपुर पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस घटना की सख्त जांच कर रही है और आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई करेगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वह अत्यधिक भीड़ वाले मेले या उत्सव स्थलों में सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की हिंसा या लूटपाट की सूचना तुरंत पुलिस को दें। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों और मेलों के दौरान इस तरह की मारपीट और लूट की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए प्रशासनिक सतर्कता और स्थानीय पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बेहद जरूरी है।