Surguja. सरगुजा। सरगुजा जिले में संचालित एक चिटफंड कंपनी ने निवेशकों को कम समय में उच्च रिटर्न का लालच देकर लाखों रुपए जमा कराए और अचानक अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गई। इस मामले में कोलकाता से कंपनी के दो संचालक गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है और जांच में चिटफंड कंपनी के संचालन की पूरी साजिश सामने आई है। जानकारी के अनुसार, सरगुजा जिले में संचालित चिटफंड कंपनी मेगा माड्यूल इंडिया लिमिटेड ने लखनपुर और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में अपने
एजेंटों
के माध्यम से लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का झांसा दिया। निवेशकों से राशि लेकर कंपनी ने उन्हें आई कोर रिजु सिमेंट लिमिटेड, आर्ड कोर ई-कॉमर्स, आई कोर अंपारेयल, आई कोर मेगा गोल्ड इंडिया लिमिटेड जैसी अन्य कंपनियों के बैंक खातों में पैसे जमा करवाए। निवेशकों को इसके बदले में डिवेयर सर्टिफिकेट (निवेश प्रमाणपत्र) दिए गए। कुछ समय बाद, कंपनी ने अपना कार्यालय बंद कर दिया और फरार हो गई। निवेशकों को जमा की गई रकम नहीं मिली, जिससे लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश फैल गया।

पांच लाख रुपए की शिकायत
लखनपुर अंतर्गत कोरंधा निवासी फुलेश्वरी बुनकर ने 15 फरवरी 2011 को कंपनी के एजेंट के माध्यम से पांच लाख रुपए जमा कराए थे। मैनेजर ने उन्हें पावती और निवेश प्रमाणपत्र दिया था। लेकिन कंपनी का कार्यालय बंद हो जाने के बाद बुनकर को राशि वापस नहीं मिली। फुलेश्वरी बुनकर ने वर्ष 2023 में लखनपुर थाने में यह शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान प्रार्थी से कंपनी के बॉन्ड पेपर और पावती पेश करने के लिए कहा और इसकी सत्यता की पुष्टि की।

पुलिस ने दर्ज की धारा 420 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर
लखनपुर पुलिस ने इस मामले में धारा 420, 34 आईपीसी, छत्तीसगढ़ निक्षपेकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 की धारा 10, और इनामी चिट फंड धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम 1978 की धारा 4, 5, 6 के तहत अपराध दर्ज किया।

कोलकाता से गिरफ्तार किए गए दो संचालक
पुलिस ने जांच के बाद कंपनी के संचालकों कनिका मैती (56 वर्ष) पति स्व. अनुकूल मैती, निवासी जाधवपुर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल और स्वप्न राय (55 वर्ष) निवासी पथोर पुतीमा, कोलकाता, पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने चिटफंड कंपनी के संचालन में शामिल होने की बात स्वीकार की। कंपनी के मुख्य संचालक अनुकूल मैती की मौत वर्ष 2020 में हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
लखनपुर थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार ने बताया कि गिरफ्तारी से निवेशकों और आम जनता में राहत की भावना पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की आगे की जांच जारी रखेगी और अन्य संभावित आरोपियों की भी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले से यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में चिटफंड कंपनियों द्वारा निवेशकों को लालच देकर धोखाधड़ी करने की घटनाएं बढ़ रही हैं। निवेशकों को सतर्क रहने और किसी भी वित्तीय योजना में राशि निवेश करने से पहले जांच करने की पुलिस ने सलाह दी। घोटाले की खबर सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में रोष है। कई निवेशकों ने बताया कि वे वर्षों से अपनी जमा राशि के लिए परेशान थे और अब गिरफ्तारी से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पुलिस ने निवेशकों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कंपनी में निवेश करने से पहले सरकारी पंजीकरण और प्रमाणपत्र की जांच अवश्य करें।
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