Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इससे पहले ही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रशासन ने अवैध भंडारण पर बड़ी कार्रवाई की है। जिले में पांच अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर प्रशासनिक टीम ने 435 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया है। यह धान निर्धारित स्टॉक सीमा से अधिक पाया गया था। सभी मामलों में मंडी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक करने की घोषणा की है। इस वर्ष कॉमन धान का समर्थन मूल्य ₹2369 प्रति क्विंटल और ग्रेड-एक धान का मूल्य ₹2389 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खरीदी केवल पंजीकृत और वास्तविक किसानों से की जाएगी। धान खरीदी के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कुल 20 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन ने पारदर्शी खरीदी सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था तैयार की है। राजस्व, खाद्य, कृषि और मंडी बोर्ड के अधिकारियों का एक संयुक्त दल गठित किया गया है, जो धान के अवैध परिवहन, भंडारण और बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखेगा। इसी निगरानी दल को शिकायत मिली कि जिले के कुछ व्यापारियों ने समर्थन मूल्य की खरीदी शुरू होने से पहले ही बड़ी मात्रा में धान का अवैध भंडारण कर रखा है। इसके बाद संयुक्त टीम ने आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई स्थानों पर भारी मात्रा में धान का स्टॉक सीमा से अधिक भंडारण पाया गया।
निरीक्षण के दौरान मां काली ट्रेडर्स, पेंड्रा से 130 क्विंटल (400 बोरी) धान जब्त किया गया। इसी तरह रतन गोयनका के गोदाम, पेंड्रा से 50 क्विंटल (130 बोरी) धान, विकास ट्रेडिंग कंपनी, पेंड्रा से 50 क्विंटल (125 बोरी) धान जब्त किया गया। गौरव पोद्दार, अडभार पेंड्रा से 55 क्विंटल (140 बोरी) और मोनू सुल्तानिया, अमरपुर पेंड्रा से 150 क्विंटल (400 बोरी) धान जब्त किया गया। कुल मिलाकर पांच स्थानों से 435 क्विंटल धान अवैध रूप से भंडारित पाया गया। प्रशासन ने सभी जब्ती की कार्रवाई मंडी अधिनियम की धाराओं के तहत की है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान व्यापारी स्टॉक का कोई वैध दस्तावेज या खरीदी संबंधी बिल प्रस्तुत नहीं कर सके। आशंका जताई जा रही है कि यह धान किसानों से कम दर पर खरीदा गया था, जिसे बाद में समर्थन मूल्य पर बेचने की तैयारी की जा रही थी।