थानों में वर्षों से लावारिश पड़े 1820 वाहन नीलाम, 77 लाख रुपए शासकीय कोष में जमा
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Durg. दुर्ग। जिले के विभिन्न थानों में वर्षों से लावारिश और लादावा हालत में खड़े वाहनों के निराकरण की दिशा में दुर्ग पुलिस ने बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला पुलिस द्वारा नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए ऐसे वाहनों की नीलामी की गई, जिससे करीब 77 लाख रुपए की राशि शासकीय कोष में जमा कराई गई है। पुलिस विभाग के अनुसार, जिले के अलग-अलग थानों में कुल 2069 लावारिश एवं लादावा वाहन चिन्हित किए गए थे। इनमें से सभी वाहनों की विस्तृत जांच और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 1820 वाहनों की नीलामी की जा चुकी है। नीलामी से प्राप्त कुल राशि 76,88,648 रुपए शासकीय कोष में जमा की गई है। शेष वाहनों के संबंध में नीलामी की प्रक्रिया अभी जारी है।
इस कार्रवाई की शुरुआत लावारिश वाहनों की विस्तृत इन्वेंट्री तैयार करने से की गई। इसके बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) दुर्ग से समन्वय कर वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर के आधार पर वाहन मालिकों की जानकारी जुटाई गई। संबंधित थानों के माध्यम से वाहन मालिकों को नोटिस जारी किए गए। जिन वाहन मालिकों ने समय पर मूल दस्तावेज प्रस्तुत किए, उन्हें नियमानुसार वाहन सुपुर्द कर दिए गए। इसके बाद शेष बचे वाहनों को 28 पुलिस एक्ट के तहत जप्त किया गया। इन मामलों में अनुविभागीय दंडाधिकारी न्यायालय में इश्तगासा पेश कर विधिवत इश्तहार जारी कराया गया और दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई। दावा-आपत्ति के दौरान जिन मामलों में वैध दावा प्रस्तुत किया गया, उन वाहनों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। जिन वाहनों पर कोई वैध दावा प्रस्तुत नहीं किया गया, उन्हें लावारिश घोषित किया गया।
इसके बाद इन वाहनों का ऑफसेट मूल्य निर्धारित करने के लिए नियमानुसार समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा तय किए गए ऑफसेट मूल्य के आधार पर वाहनों को एमएसटीसी (MSTC) वेबसाइट पर ऑनलाइन नीलामी के लिए पंजीकृत किया गया। नीलामी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिले के सभी थानों में पड़े लावारिश और लादावा वाहनों को थाना जामुल स्थित यार्ड में एकत्रित किया गया। इसके बाद नियमानुसार दुपहिया और चार पहिया वाहनों की नीलामी प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस विभाग ने बताया कि नीलामी किए गए 1820 वाहनों में से अब तक 581 वाहन सुपुर्दनामा पर दिए जा चुके हैं। कुछ वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया अभी शेष है, जिनका ऑफसेट मूल्य तय होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने बताया कि इस पहल से न केवल थानों में वर्षों से खड़े अनुपयोगी वाहनों का निराकरण हुआ है, बल्कि पुलिस परिसरों में जगह भी खाली हुई है। साथ ही, नीलामी से प्राप्त राशि शासकीय कोष में जमा होने से राजस्व में भी वृद्धि हुई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई नियमित रूप से की जाएगी, ताकि थानों में लावारिश वाहनों का अंबार न लगे और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुचारू और पारदर्शी बनी रहे।