Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 170.75 किलो गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 85 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा मिनी ट्रक, स्वीफ्ट कार, मोबाइल फोन और नकदी समेत कुल 97 लाख 3 हजार 970 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
एनएच-353 पर चेकिंग के दौरान पकड़ा मिनी ट्रक
पुलिस के मुताबिक, एनएच-353 पर बिरकोनी स्थित महाराजा ढाबा के पास पुलिस टीम द्वारा वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर एक मिनी ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान ट्रक के अंदर कांच के टुकड़ों और कचरे के नीचे छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने जब गांजे का वजन कराया तो इसकी कुल मात्रा 170.75 किलोग्राम निकली। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 85 लाख रुपये बताई गई है।
कांच के टुकड़ों और कचरे के नीचे छिपाया था गांजा
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करों ने गांजे को सामान्य सामान की तरह दिखाने के लिए उसे मिनी ट्रक में बेहद शातिर तरीके से छिपाया था। गांजे के ऊपर कांच के टुकड़े और कचरा रखा गया था, ताकि पहली नजर में वाहन की तलाशी लेने पर मादक पदार्थ दिखाई न दे। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के चलते मिनी ट्रक को रोककर गहन जांच की गई और गांजा बरामद कर लिया गया।
ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे गांजा
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे गांजा ओडिशा के बौद्धगढ़ से लेकर निकले थे और इसे फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश में सप्लाई करने की तैयारी थी। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजे की खेप किस व्यक्ति से ली गई थी और इसे उत्तर प्रदेश में किसे सौंपा जाना था।
97 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजे के साथ तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों और अन्य सामान को भी जब्त किया। इसमें मिनी ट्रक, एक स्वीफ्ट कार, मोबाइल फोन और नकदी शामिल है। पुलिस के अनुसार, जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत 97 लाख 3 हजार 970 रुपये है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
मामले में कोतवाली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनसे गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब आरोपियों के संपर्क में रहे लोगों, गांजे की
खरीद-फरोख्त
और तस्करी के रास्ते की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि इस नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच लगातार जारी रखने की बात कही गई है।
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