दरभंगा। बिहार विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान दरभंगा में जमकर हंगामा हो गया। लहेरियासराय स्थित खेल भवन सह व्यायामशाला में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना के दौरान दो प्रत्याशियों के एजेंट आपस में भिड़ गए। विवाद की शुरुआत चुनावी बढ़त को लेकर हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला व्यक्तिगत टिप्पणियों, गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया। अचानक हुए हंगामे से मतगणना केंद्र पर अफरातफरी मच गई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों एजेंटों को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई।
बताया जा रहा है कि जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी सुरेश प्रसाद राय और कांग्रेस उम्मीदवार मदन मोहन झा के मतगणना एजेंटों के बीच विवाद हुआ था। दोनों के बीच बढ़त को लेकर शुरू हुई बहस ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक एजेंट ने दूसरे को 'दलबदलू' कह दिया।
चुनावी बढ़त को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतों की गिनती जारी थी। इसी दौरान जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी सुरेश प्रसाद राय की बढ़त को लेकर अलग-अलग प्रत्याशियों के एजेंटों में बातचीत हो रही थी।
इसी बीच कांग्रेस प्रत्याशी मदन मोहन झा के एक एजेंट ने जन सुराज के एजेंट पर टिप्पणी कर दी। आरोप है कि कांग्रेस एजेंट ने दूसरे पक्ष के एजेंट को 'दलबदलू' कहते हुए कहा कि वह पहले कांग्रेस में था और बाद में जन सुराज पार्टी में शामिल हो गया।इस टिप्पणी से माहौल अचानक गरमा गया। पहले दोनों के बीच बहस हुई, फिर तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज शुरू हो गई।विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों एजेंट हाथापाई पर उतर आए। इससे मतगणना केंद्र के अंदर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
पुलिस ने दोनों एजेंटों को लिया हिरासत में
मतगणना केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हंगामा होते ही तत्काल हस्तक्षेप किया।पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कराया और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद विवाद में शामिल दोनों एजेंटों को हिरासत में लेकर लहेरियासराय थाने भेज दिया गया।मामले में साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने बताया कि दोनों व्यक्ति अलग-अलग उम्मीदवारों के मतगणना एजेंट थे। चुनावी बढ़त को लेकर उनके बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद दोनों हंगामा करने लगे।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को सामान्य कर दिया गया।
पूछताछ के बाद पीआर बांड पर छोड़े गए एजेंट
पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों एजेंटों से पूछताछ की।लहेरियासराय थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी के अनुसार, दोनों से घटना के संबंध में जानकारी ली गई और बाद में उन्हें पीआर बांड पर छोड़ दिया गया।प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया कि विवाद में शामिल किसी भी पक्ष ने पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत नहीं दी थी।पुलिस ने मामले को बढ़ने से रोकने के लिए तत्काल एहतियाती कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना था कि मतगणना जैसे संवेदनशील कार्य के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है।
53 उम्मीदवारों के भाग्य का होना था फैसला
दरभंगा में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हुई थी।लहेरियासराय स्थित खेल भवन सह व्यायामशाला परिसर में दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कुल 40 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 13 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे।इस प्रकार दोनों सीटों पर कुल 53 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला होना था।मतगणना केंद्र पर प्रत्याशियों के अधिकृत एजेंटों को मौजूद रहने की अनुमति दी गई थी, ताकि वे मतों की गिनती और संबंधित प्रक्रियाओं पर नजर रख सकें।
तीन स्तरीय सुरक्षा के बीच हुई मतगणना
चुनाव परिणामों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने खेल भवन परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।मतगणना केंद्र पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। परिसर में प्रवेश के लिए निर्धारित नियम बनाए गए थे और अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित रखी गई थी।मतगणना केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर भी रोक लगाई गई थी। वाहनों की आवाजाही और पार्किंग के लिए अलग व्यवस्था की गई थी।मतगणना कर्मियों को दो पालियों में तैनात किया गया था, ताकि मतों की गिनती सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
जन सुराज उम्मीदवार की बढ़त से बढ़ा था राजनीतिक तनाव
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज के प्रत्याशी सुरेश प्रसाद राय की बढ़त ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया था।इसी दौरान कांग्रेस और जन सुराज के एजेंटों के बीच व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर विवाद हो गया।मंगलवार देर रात शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सुरेश प्रसाद राय की जीत की घोषणा होने के बाद उनके समर्थकों ने खुशी जताई।मतगणना केंद्र के आसपास मौजूद समर्थकों ने उन्हें बधाई दी। इस परिणाम को जन सुराज के लिए महत्वपूर्ण चुनावी सफलता माना गया।
बुधवार को भी मतगणना केंद्र में हंगामा, पांच हिरासत में
दरभंगा के खेल भवन में तनाव की स्थिति केवल मंगलवार की घटना तक सीमित नहीं रही।बुधवार, 28 अक्टूबर को स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान भाजपा और राजद के अभिकर्ताओं के बीच भी विवाद हो गया।इस बार विवाद मतपत्रों की वैधता और अवैधता को लेकर हुआ।एनडीए समर्थित भाजपा उम्मीदवार सर्वेश कुमार और राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा के एजेंटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।मामला बढ़ने पर दरभंगा के जिलाधिकारी एवं सहायक निर्वाचन पदाधिकारी कौशल कुमार मतगणना हॉल पहुंचे।उन्होंने एजेंटों को समझाने का प्रयास किया और स्पष्ट किया कि मतपत्रों की वैधता पर अंतिम निर्णय निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा।इसके बावजूद हंगामा जारी रहने पर प्रशासन ने पांच मतगणना एजेंटों को हिरासत में ले लिया।
राजद उम्मीदवार ने प्रशासन पर लगाए आरोप
बुधवार को हुए विवाद के बाद राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने दावा किया कि उनके समर्थकों और एजेंटों के खिलाफ सरकार के दबाव में कार्रवाई की गई है।राजद उम्मीदवार ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव में हराने की कोशिश की जा रही है।हालांकि, ये आरोप राजद प्रत्याशी की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।प्रशासन ने मतगणना के दौरान नियमों का पालन करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
मतगणना की निष्पक्षता और शांति व्यवस्था पर जोर
दरभंगा में मतगणना के दौरान सामने आईं इन घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता को फिर उजागर किया है।चुनाव में प्रत्याशियों और उनके एजेंटों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है, लेकिन मतगणना केंद्र के अंदर विवाद और हाथापाई चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान पैदा कर सकती है।प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मतगणना की पारदर्शिता बनाए रखने के साथ सभी प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।मंगलवार को कांग्रेस और जन सुराज के एजेंटों की झड़प तथा बुधवार को भाजपा और राजद के एजेंटों के बीच विवाद ने दरभंगा के चुनावी माहौल को सुर्खियों में ला दिया।
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